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शराबबंदी पर मानव श्रृंखला को लेकर बिहार मुख्य सचिव और DGP हाईकोर्ट में तलब

सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि स्कूली छात्रों को मानव श्रृंखला में शामिल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है. हालांकि कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रोहतास प्रशासन की ओर से जारी की गई चिट्ठी का भी जिक्र किया.

मानव श्रृंखला मामले में पटना हाईकोर्ट का कड़ा रुख मानव श्रृंखला मामले में पटना हाईकोर्ट का कड़ा रुख

शराबबंदी के समर्थन में दुनिया की सबसे लंबी मानव श्रृंखला बनाने के नीतीश सरकार के कार्यक्रम में बच्चों को जबरन शामिल करने पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. इस मामले में अदालत ने शुक्रवार को बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तलब किया है.

दर्ज हुई थी याचिका
दो दिन पहले शशिभूषण नाम के एक वकील ने इस कार्यक्रम के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी. याचिका में स्कूली बच्चों को जबरन शामिल करने का विरोध किया गया था. याचिकाकर्ता को इस बात पर भी एतराज है कि मानव श्रृंखला के लिए 21 जनवरी को सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक बिहार के सभी नेशनल और स्टेट हाईवे बंद रखने का आदेश जारी किया गया है.

अदालत का एतराज
बुधवार को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि किस कानून के तहत सड़कें बंद रखने का फरमान जारी हुआ है. कोर्ट ने कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को शामिल करने को लेकर भी सवाल पूछे थे.

सरकार का जवाब
सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि स्कूली छात्रों को मानव श्रृंखला में शामिल करने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है. हालांकि कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रोहतास प्रशासन की ओर से जारी की गई चिट्ठी का भी जिक्र किया. इस चिट्ठी में स्कूली छात्रों के साथ उनके अभिभावकों को भी श्रृंखला में शामिल होने के लिए कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी.


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