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बिहार में लुट गई 'बहार'... चौथे दिन मातम में पहुंचे नीतीश कुमार!

अस्पताल के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और राज्य सरकार में मंत्री मंगल पांडे को जनता ने घेर लिया था.

नीतीश कुमार (फोटो: ANI) नीतीश कुमार (फोटो: ANI)

बिहार रो रहा है...फूट-फूटकर रो रहा है. यहां 100 से अधिक बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं और सरकार सो रही है. पिछले कुछ दिनों से बिहार में चमकी बुखार की वजह से हाहाकार मचा है और प्रशासन पूरी तरह पस्त नजर आ रहा है.

इस बीमारी से मौत का आंकड़ा जब बढ़ा  तब अस्पताल के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे और राज्य सरकार में मंत्री मंगल पांडे को जनता ने घेर लिया. सरकार के सम्मान में काले झंडे लहराए जा रहे थे मुजफ्फरपुर की सड़कों पर. स्वास्थ्य मंत्रियों पर ताने मारे जा रहे थे.

जब प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई तो मंत्री मंगल पांडे भारत-पाकिस्तान के मैच का स्कोर पूछ रहे थे, पता चला कि चार विकेट हैं. ऐसे में बिहार की जनता यही सोच रही होगी कि मंगल पांडे की सेवाओं से कृतार्थ बच्चों की मौतें जारी हैं, बदहाली जारी है..बदइंतजामी जारी है और जारी है सत्ता के खिलाड़ियों की बेहयाई, इन्हें मुकुट पहनाइए. क्योंकि ये सरकार हैं.

भगवान की कृपा से नींद अच्छी आती है... नींद से याद आया. नींद तो दिल्ली वाले मंत्री जी को आती है. वो भी सुकून की, बच्चों की लाशों का शतक पार होने पर अपने इंतजाम का जायजा लेने गए थे. और ऐसे गदगद हुए कि भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे झपकियां ले रहे थे.

बच्चे मर रहे थे, नीतीश दिल्ली में राजनीति कर रहे थे!

जहां मां-बाप की दहाड़ें सुनाई दे रही थीं वहां दिन दहाड़े अश्विनी चौबे नींद के मजे ले रहे थे. सवाल किया गया तो कहा कि चिंतन-मनन कर रहे थे. एक तरफ मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में सो रहे थे, तब नीतीश कुमार दिल्ली में राजनीति कर रहे थे. पहले नीति आयोग की बैठक में गए, फिर कैबिनेट की पार्टी में, उसके बाद राष्ट्रपति से भी मिले और रविवार भी दिल्ली में ही बीता.

चौथे दिन याद आया कि हमारे बिहार में बहार चीत्कार में बदल गई है तो पटना आए, बैठक बुलाई और अस्पताल भी पहुंच गए. यहां पहुंचे तो लोगों ने नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारों से स्वागत किया. लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री के आने-ना आने से कोई फर्क नहीं पड़ता है. हमें मुख्यमंत्री नहीं, सुविधा चाहिए.

बिहार में चल रही आपदा से जुड़ी पूरी कवरेज यहां पर पढ़ें...

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