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बिहारः खाना बनाने के दौरान फटा सिलेंडर, हादसे में 3 बच्चों समेत 4 की मौत

खाना बनाने के दौरान हुए हादसे में आग ने तीनों बच्चों और मां को लपेटे में ले लिया. फिर सिलेंडर में जोरदार धमाका हो गया. लोगों ने दरवाजा तोड़कर पहले आग बुझाने का प्रयास किया. लेकिन किसी को नहीं बचाया जा सका.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र के नंदन गांव की घटना
  • घायल महिला की SKMCH में इलाज के दौरान हुई मौत
  • महिला अपने बच्चों को लेकर भागने की कोशिश में नाकाम

बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले के मीनापुर में बड़ा हादसा हो गया है. खाना बनाने के दौरान रसोई गैस सिलेंडर फटने (gas cylinder blast) की वजह से तीन मासूम बच्चों समेत 4 लोगों की मौत हो गई. हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज (SKMCH) में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई.

मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र के नंदन गांव में गैस सिलेंडर से खाना बनाने के दौरान विस्फोट हो गया जिसमें झुलसकर तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि गंभीर रूप से घायल बच्चों की मां की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद पानी और बालू-मिट्टी फेंककर आग पर काबू पाया.

मृत बच्चों की पहचान अशोक साह की पुत्री दीपांजलि (6), पुत्र आदित्य (4) और विवेक (2) के रूप में हुई है जबकि अशोक साह की पत्नी शोभा देवी (27) करीब 75 फीसदी इस आग में झुलस गईं थी लेकिन उसकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई.

इलाज के दौरान महिला की मौत

SKMCH के बर्न वार्ड में घायल महिला का इलाज चल रहा था जहां देर रात उसकी मौत हो गई. घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है. अस्पताल में काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई.

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अस्पताल पहुंचे रिश्तेदार विजय साहनी ने बताया कि अशोक साह दिल्ली रहकर मेहनत मजदूरी का काम करते हैं. घर में सिर्फ शोभा देवी अपने तीन बच्चों और सास के साथ रहती है. शाम में उनकी सास बाजार से सब्जी लेने गई थी. शोभा गैस पर खाना बना रही थी. लेकिन पाइप से गैस लीक कर रहा था. देखते-देखते अचानक से आग पकड़ लिया. पूरे सिलेंडर में आग धधकने लगी. 

उन्होंने बताया कि सिलेंडर के बगल में बाहर निकलने का दरवाजा था. यहां पर कंबल समेत अन्य कपड़े रखा हुए थे. तीनों बच्चे वहीं पर थे. अचानक से आग की लपटें तेज हुई और कंबल में आग लग गई. महिला अपने तीन बच्चों को उठाकर भागने का प्रयास करने लगी, लेकिन वह खुद को संभाल नहीं सकी और ना ही दरवाजा खोल सकी.

आग ने तीनों बच्चों और उन्हें अपने लपेटे में ले लिया. इसके बाद सिलेंडर से जोरदार धमाका हुआ. चीख पुकार सुनकर ग्रामीण जुट गए. दरवाजा तोड़कर पहले आग बुझाने का प्रयास किया. फिर जल्दी से चारों को बाहर निकाला गया. गाड़ी में लादकर उन्हें SKMCH भेजा गया.

अस्पताल पहुंचने के बाद हुई मौतः रिश्तेदार

रिश्तेदार विजय साह कहते हैं उस समय तीनों बच्चे जीवित थे. जलन के कारण चिल्ला रहे थे. जैसे ही अस्पताल पहुंचे और इलाज शुरू हुआ तीनों ने दम तोड़ दिया. आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच कर काफी मशक्कत के बाद आग बुझाया गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला का घर और उसमें रखा सामान जलकर राख हो गया. 

 

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