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जमानत पर जेल से रिहा हुए लालू, बोले- नरेंद्र मोदी से लड़ने को तैयार

चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने की वजह से रांची की बिरसा मुंडा जेल में लगभग 10 हफ्ते बिताने के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव सोमवार को जमानत पर रिहा हो गए.

लालू प्रसाद यादव लालू प्रसाद यादव

चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने की वजह से रांची की बिरसा मुंडा जेल में लगभग 10 हफ्ते बिताने के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव सोमवार को जमानत पर रिहा हो गए.

जेल से बाहर निकलते ही लालू प्रसाद बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे. मोदी की चुनौती देते हुए कहा, 'नरेंद्र मोदी हो या कोई और मोदी हम लंगोट पहनकर तैयार हैं. मैं लड़ाई के लिए तैयार हूं चाहे इसके लिए कुर्बानी ही देनी पड़े'.

मोदी पर हमला करते हुए लालू यादव ने कहा कि धर्म के आधार पर राजनीति करने वालों को दिल्ली से दूर रखेंगे. उन्होंने कहा, 'जो राजनीति हो रही है, उससे देखकर ऐसा लगता है कि या तो भारत टूटेगा या फिर रहेगा. सांप्रदायिक ताकतों को दूर भगाने के लिए देश के सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के प्रार्थना करता हूं कि 1947 के देश विभाजन को याद करें. कहीं फिर ऐसा न हो जाए इसलिए साथ आएं. धर्म और मजहब के नाम पर राजनीति करने वाले लोग दिल्ली पर हावी होना चाहते हैं. अब मैं फुरसत में हूं. पूरे देश में घूमकर इन शक्तियों को रोकने के लिए जी जान लड़ाऊंगा.'

लालू ने यह भी कहा कि उन्‍हें न्‍यायपालिका में पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा, 'जेल तो कृष्ण भगवान की जन्मभूमि है. कभी विचलित नहीं हुआ. न्यायपालिका पर भरोसा था. विश्वास था कि मेरे साथ न्याय होगा. सच तो ये है कि जो जेल से डरेगा वो कुछ नहीं करेगा. भाग्यशाली लोग ही जेल पहुंच पाते हैं.'

आपको बता दें कि लालू प्रसाद को रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाला मामले में पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. उन्हें 25 लाख रुपये जुर्माना भी किया गया था. फैसले के खिलाफ लालू ने पहले झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया पर उन्हें राहत नहीं मिली. इसके बाद लालू ने झारखंड उच्च न्यायालय के 31 अक्टूबर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. जिस सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया.

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