जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार गुरुवार को पटना के गांधी मैदान से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बैनर तले पटना में 'भाजपा हराओ, देश बचाओ' रैली का आयोजन किया गया है जिसमें विपक्षी दलों के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है.
इस रैली को सफल बनाने के लिए कन्हैया कुमार पिछले कई दिनों से बिहार के तमाम जिलों का दौरा कर रहे हैं. कन्हैया ने खासकर अपने गृह जिला बेगूसराय में काफी जनसंपर्क अभियान चलाया है.
गौरतलब है कि कन्हैया कुमार का बेगूसराय से सीपीआई के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी कन्हैया को बेगूसराय से महागठबंधन के साझा उम्मीदवार के तौर पर हरी झंडी दे दी है जिसके बाद से ही कन्हैया कुमार लगातार बेगूसराय और अन्य जिलों में काफी सक्रिय हो गए हैं.
कन्हैया कुमार ने भी मंगलवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात के संकेत दे दिए थे कि अगर सीपीआई उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट देती है तो वह मना नहीं करेंगे.
सीपीआई के महासचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा है कि गुरुवार को गांधी मैदान में होने वाली रैली में तकरीबन 2 लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे. इस रैली में कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद, आरजेडी के तरफ से तेजस्वी यादव, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा की तरफ से जीतन राम मांझी, लोक जनतांत्रिक पार्टी की तरफ से शरद यादव और सीपीएम की तरफ से सीताराम येचुरी के शामिल होने की संभावना है. इन सभी नेताओं को सीपीआई की तरफ से रैली में शामिल होने के लिए न्योता भेजा जा चुका है.
पटना के इस रैली पर सभी की नजरें हैं क्योंकि इस रैली के माध्यम से एक बार फिर से विपक्षी एकता का टेस्ट होगा.