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प्रशांत किशोर पर भड़की बीजेपी, दे दी ये चेतावनी

पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में बीजेपी और जेडीयू ने एक दूसरे के खिलाफ जंग छेड़ दिया है. बीजेपी ने जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

प्रशांत भूषण (फोटो-रॉयटर्स) प्रशांत भूषण (फोटो-रॉयटर्स)

बिहार में लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ने वाली बीजेपी और जेडीयू पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव को लेकर आमने सामने हैं. दोनों पार्टियों के निशाने पर प्रशांत किशोर हैं जो बीजेपी के इवेंट मैनेजर थे और अब जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

बीजेपी के विधायकों और पार्षदों ने संयुक्त बयान जारी कर प्रशांत किशोर पर आरोप लगाए हैं कि पुलिस उनके इशारे पर एक अपराधी की तरह एबीवीपी के नेता की तलाश कर रही है. हालांकि प्रशांत किशोर ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी किसी अधिकारी को कोई फोन नहीं किया है.

बीजेपी के तीन विधायकों और एक विधान पार्षद ने सोमवार को प्रशांत किशोर को खुली चेतावनी दी. विधायक नितिन नवीन, अरुण सिन्हा और संजीव चौरसिया के साथ एमएलसी संजय पासवान ने प्रशांत किशोर को इवेंट मैनेजर करार देते हुए उन्हें छात्र संघ चुनाव से दूर रहने की नसीहत दी. बीजेपी नेताओं ने कहा कि अगर प्रशांत किशोर की बेजा हरकतें जारी रहीं तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

बीजेपी नेताओं ने हालांकि अपने बयान में प्रशांत किशोर का नाम नहीं लिया है लेकिन बगैर नाम लिए ही सब कुछ कह डाला है. बीजेपी विधायकों और विधान पार्षद ने कहा है कि इवेंट मैनेजर पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. छात्र संघ चुनाव में पैसे और बाहुबल का खुला खेल खेला जा रहा है. ऐसी हरकतों को न छात्र बर्दाश्त करेंगे न ही बीजेपी के नेता-कार्यकर्ता.

बीजेपी नेताओं ने पटना पुलिस और प्रशासन को प्रशांत किशोर के इशारे पर नाचना बंद करने को कहा है. बीजेपी नेताओं ने कहा है कि छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी का उम्मीदवार साधारण परिवार का है, इसलिए उसके खिलाफ साजिश रची जा रही है लेकिन साजिश को नाकाम किया जाएगा. बीजेपी नेताओं ने कहा कि पटना पुलिस एबीवीपी के उम्मीदवार को गिरफ्तार करने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.

पिछले दिनों चुनाव प्रचार के दौरान एबीवीपी और जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई थी. घटना को लेकर पुलिस में मामला दर्ज हुआ था, तब से पुलिस एबीवीपी उम्मीदवार की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. यह भी आरोप लगा रहा है कि जेडीयू का उम्मीदवार एक बड़े शराब व्यवसायी का बेटा है. बिहार में शराबबंदी करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी का उम्मीदवार एक शराब व्यवसायी का बेटा हो, इसको लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. दूसरी ओर, प्रशांत किशोर ने कहा है कि पिछले 25 साल से जेडीयू ने कभी छात्रसंघ का चुनाव गंभीरता से नहीं लड़ा और इस बार लड़ रहा है तो कई लोगों को अच्छा नहीं लग रहा है.

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