बिहार के बेगुसराय में शनिवार को एक दुल्हन महिलाओं की टोली के साथ गीत गाते हुए चल रही थी. दरअसल, ये दुल्हन धरना देने अपने ससुराल भारौल गांव जा रही थी, क्योंकि इसके ससुराल वालों ने इसे अपनाने से इनकार कर दिया था.
दरअसल, प्रीति की शादी पिछले साल अप्रैल में भारौल गांव के धीरज ठाकुर से हुई थी. वह सरकारी स्कूल में शिक्षक है. धीरज के परिवार ने प्रीति के प्रीति को अपनाने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि लड़की के परिवार ने जबरदस्ती ये शादी करवाई थी. परिवार का आरोप है कि धीरज का अपहरण कर जबदरस्ती शादी करवाई गई थी और इसलिए उन्हें प्रीति स्वीकार नहीं है.
लंबे समय से जब ससुराल से और पति की तरफ से प्रीति को कोई सूचना नहीं मिली तो उसने मकदमपुर जाकर जबरदस्ती ससुराल में घुसने का फैसला किया. वहां पहुंचते ही ससुराल वालों और पति ने उसे अंदर नहीं आने दिया तो वह बाहर की धरने पर बैठ गई. प्रीति ने कहा, 'मैं मर जाऊंगी, लेकिन अपने माता-पिता के घर वापस नहीं जाऊंगी.' दुल्हन की इस अनोखी बारात को देखने सैंकडों लोग घर के बाहर जमा हो गए थे.
स्थानीय पुलिस ने घर के बाहर सुरक्षाबल की तैनाती भी कर दी, जो पूरे मामले में नजर बनाए हुए थे. स्थानीय एक्टिविस्ट ने भी लड़की के ससुराल वालों को समझाने की कोशिश की कि इसमें लड़की की कोई गलती नहीं है, लेकिन वह नहीं माने. गांव वालों के मुताबिक लड़के के परिवार ने प्रीति के पिता के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई थी कि बेटे की जबरदस्ती शादी करवाई गई थी.
वहीं, प्रीति के परिवार का आरोप है कि धीरज के परिवार ने पांच लाख रुपये और कई महंगे सामना का दहेज मांगा और दहेज नहीं देने पर उन्होंने प्रीति को अपनाने से इनकार कर दिया. वहीं, प्रीति का कहना है कि वह अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी. उसे घर के बाहर बैठे 48 घंटे से ऊपर हो चुका है.