scorecardresearch
 

तीन तलाक के मुद्दे पर BJP की सहयोगी JDU असहमत

एनडीए की सहयोगी जेडीयू ने तीन तलाक पर मोदी सरकार के फैसले पर असहमति जताई है. पार्टी ने कहा कि तीन तलाक पर फैसला लेने का हक मुस्लिम समाज को है. लिहाजा केंद्र सरकार को खुद निर्णय लेने के बजाय उसे मुस्लिम समाज के जिम्मे छोड़ देना चाहिए.

सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

केंद्र सरकार के तीन तलाक के फैसले से बीजेपी की सहयोगी पार्टी ही सहमत नहीं दिख रही है. जनता दल यू की तरफ से राज्यसभा में संसदीय दल के नेता आरसीपी  सिंह ने केंद्रीय कैबिनेट के फैसले पर असहमति जताई है. उन्होंने कहा कि तीन तलाक संवेदनशील मसला है और इस पर सरकार को फैसला नहीं लेना चाहिए.  

आरसीपी सिंह ने जोर देकर कहा कि जेडीयू का स्पष्ट मानना है कि तीन तलाक पर फैसला लेने का हक मुस्लिम समाज को है. लिहाजा केंद्र सरकार को खुद निर्णय लेने के बजाय उसे मुस्लिम समाज के जिम्मे छोड़ देना चाहिए. जदयू नेता ने कहा कि अभी केंद्रीय कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दी है....कोई एक्ट नहीं बनाया है. कानून बनेगा तो जदयू अपनी राय खुल कर रखेगा.

जाहिर है कि तीन तलाक के मसले पर जदयू बीजेपी के खिलाफ खड़ी हो गई है. माना जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी भी सूरत में अपने ऊपर मुस्लिम विरोधी का लेवल नहीं लगने देना चाहते हैं. लिहाजा केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के तुरंत बाद आरसीपी सिंह का बयान आया. आरसीपी के बयान को नीतीश की ही भावना माना जा सकता है.

तीन तलाक पर अपने स्टैंड का संकेत नीतीश ने काफी पहले दे दिया था. तीन तलाक पर रोक के खिलाफ पटना में मुसलमानों ने 'दीन बचाओ-देश बचाओ रैली' की थी. इस रैली में नरेंद्र मोदी को जी भर के कोसा गया था. नीतीश कुमार ने रैली खत्म होते ही उसे आयोजक और संचालक खालिद अनवर को अपनी पार्टी से विधान परिषद का टिकट दे दिया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें