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बिहार में पुलिस ने की युवक की बेरहम पिटाई, जांच टीम ने सौंपी रिपोर्ट

बिहार के शेखपुरा जिले में पुलिस द्वारा एक युवक की बर्बरतापूर्ण पिटाई मामले की जांच कर रही टीम ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग के प्रधान सचिव को सौंप दी है. युवक को वहां के पुलिस अधीक्षक के आवास पर कथित तौर पर कथित तौर पर बर्बरतापूर्वक पिटाई किए जाने से उसकी आंत भीतर से फट गयी थी.

बिहार के शेखपुरा जिले में पुलिस द्वारा एक युवक की गत 25 जनवरी को बर्बरतापूर्ण पिटाई मामले की जांच कर रही टीम ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी को सौंप दी है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर इस मामले की जांच का जिम्मा अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) रवींद्र कुमार और जेल महानिरीक्षक आनंद किशोर को सौंपा गया था.

रिपोर्ट में क्या है यह खुलासा करने से तत्काल इंकार करते हुए गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि जांच दल ने अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है.

इस मामले को गंभीरतापूर्वक लेते हुए मुख्यमंत्री ने शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक और बरबीघा थाना प्रभारी सहित वहां तैनात अन्य पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किए जाने और इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश गत 28 जनवरी को दिया था.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शेखपुरा के पुलिस अधीक्षक बाबूराम और बरबीघा थाना के थानाध्यक्ष सहित 14 पुलिसकर्मियों का गत 28 जनवरी को स्थानांतरण कर दिया गया था.

कहलगांव की अपर पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी को शेखपुरा का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था जबकि पदस्थापना की प्रतीक्षा में बाबूराम को पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया है.

शेखपुरा जिला के बरबीघा थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के आरोप में हिरासत में लिए गए युवक मुकेश कुमार की बीते 25 जनवरी को वहां के पुलिस अधीक्षक बाबू राम के आवास पर कथित तौर पर कथित तौर पर बर्बरतापूर्वक पिटाई किए जाने से उसकी आंत भीतर से फट गयी थी.

मुकेश कुमार के परिजन ने आरोप लगाया था कि पुलिस द्वारा बर्बर यातना दिए जाने और अधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई. पुलिस ने प्रताड़ना के दौरान उसके मलद्वार में डंडा घुसा दिया जिससे अधिक रक्तस्राव होने लगा और उसकी हालत बिगड़ने लगी जिसके बाद उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था.

जांच दल द्वारा अपनी जांच किए जाने के दौरान ही शेखपुरा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बाबू राम के नाम उल्लेख किए बिना शराब कारोबार में बरबीघा थाना क्षेत्र के तोयगढ गांव निवासी पीडित मुकेश कुमार के सहयोगी मंटू सिंह और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 323, 324, 341 और 34 के तहत बरबीघा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.

इस बीच शेखपुरा जिला के पूर्व पुलिस अधीक्षक बाबू राम की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बरबीघा थाना के समीप बिहार नवनिर्माण मंच के नेता शिवकुमार सिंह और भाकपा के राज्य परिषद सदस्य जितेंद्र नाथ के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने धरना दिया.

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