ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गा पालन काफी लोकप्रिय व्यवसाय बन गया है. बड़ी संख्या में किसान तरह-तरह के मुर्गों की प्रजाति के जरिए पोल्ट्री फार्मिंग से मुनाफा कमा रहे हैं. कम लागत और बढ़िया मुनाफे के चलते ग्रामीण सबसे ज्यादा कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग में रुचि दिखा रहे हैं. इसी को देखते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर में रहने वाले एक युवक ने आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए कड़कनाथ नस्ल के मुर्गे से पोल्ट्री फार्मिंग की शुरुआत की. आज वह इस बिजनेस से हर महीने 50 हजार रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहा है.
बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले मक्की ने आर्थिक तंगी के वक्त 15 हजार रुपये की बचत की थी. इसी बचाए हुए पैसे से उन्होंने मुर्गा और बकरी पालन की शुरुआत की. आज जॉब करते हुए वो इस बिजनेस से वह हर महीने 50 हजार से ज्यादा की कमाई करते हैं.
दरअसल, मुजफ्फरपुर के रहने वाले मक्की भाई बिहार सरकार के राजस्व विभाग में क्लर्क की नौकरी करते थे. नौकरी में मिल रही तनख्वाह से उनकी गुजर-बसर बड़ी मुश्किल से चल रही थी. उनके बच्चे जब बड़े हुए तो घर चलाने में और दिक्कत होने लगी, क्योंकि बच्चे की स्कूल फीस देनी होती थी. वह किसी बिजनेस की तलाश कर रहे थे. तब उन्हें कड़कनाथ मुर्गे के बारे में पता चला.
15 हजार से मुर्गा फार्मिंग बिजनेस की शुरुआत की
मक्की भाई ने पहले ऑनलाइन इसकी जानकारी ली. इसके बाद मध्य प्रदेश से उन्होंने 15 हजार में एक चूजा लिया और घर पर ही मुर्गा फार्मिंग शुरू कर दी. कुछ दिनों बाद वह फार्मिंग में देशी बकरी भी रखने लगे. आज देखते ही देखते आज वह तीस बकरियों के मालिक हैं. मक्की भाई आज भी बिजनेस के साथ ड्यूटी करते हैं.
50 हजार रुपये से ज्यादा की आमदनी हर महीने
मक्की भाई अपने मुर्गा फार्मिंग में कड़क नाथ और वन राज नस्ल का मुर्गा पालन कर उसका अंडा, चूजा और मुर्गा की बिक्री करते हैं. इस काम में उनकी पत्नी साथ निभाती है. वह बताते हैं कि आज वह अपने इस बिजनेस से आराम से 50 हजार रुपये से ज्यादा की आमदनी हर महीने बना लेते हैं. उन्होंने बताया कि कड़क नाथ नस्ल के मुर्गेा और उसके अंडे की अच्छी कीमत मिलती है.