बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि अगले पांच साल में बिहार मछली और अंडा के उत्पादन में आत्मनिर्भर होगा. फिलहाल बिहार में प्रतिवर्ष 111 करोड़ अंडे का उत्पादन होता है, जबकि प्रतिदिन 3 करोड़ अंडे की खपत के विरुद्ध मात्र 20 लाख का उत्पादन होता है. दूसरे कृषि रोड मैप के तहत अगले पांच वर्षों में इसे पांच गुना बढ़ा कर 546 करोड़ करने का लक्ष्य है.
मध्य बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से बिहार विद्यापीठ के प्रांगण में आयोजित उद्यमिता उन्मुखीकरण एवं स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत मेगा ऋण वितरण शिविर व अंडा प्रचुरता अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार समेकित मुर्गी विकास योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत अनुदान के साथ बैंक कर्ज के ब्याज पर 4 साल तक 50 प्रतिशत अनुदान देती है. मुफ्त चूजा वितरण का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है.
बैंकों को उन्होंने एनजीओ 'जीविका' की बहनों को ऋण देने का निर्देश देते हुए कहा कि बड़े लोग बैंक का कर्ज लेकर नहीं लौटाते हैं जबकि जीविका की बहनों की कर्ज वापसी दर 94 प्रतिशत है. बिहार में मछली पालन, दुग्ध उत्पादन और मुर्गी पालन में काफी संभावनाएं हैं. बैंक इन क्षेत्रों में सहयोग करें. 2016-17 में बैंकों ने मुर्गी पालन के लिए 1173 लोगों को 35 करोड़ का ऋण दिया.