बिहार में बीते कुछ वर्षों में परीक्षाओं में नकल करते छात्र-छात्राओं की बड़े पैमाने पर तस्वीरें सामने आई हैं. इस मामले में राज्य सरकार की ओर से कुछ सख्त कदम भी उठाए गए. नकल करके परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं और नकल कराने वाले माफिया के खिलाफ कार्रवाई भी की गई.
इन दिनों राज्य में बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं चल रही हैं. इस दौरान नवादा में मंगलवार को परीक्षा देते वक्त पांच छात्रों को हिरासत में लिया गया. इस दौरान एक छात्र ने पुलिस के सिपाही से कहा कि वह एक दिन पढ़ लिखकर आईएएस बनकर इसी शहर में तैनात होगा. ये सुनकर सिपाही का पारा चढ़ गया और उसने छात्र की बेतहाशा पिटाई कर दी.
नवादा के गंगा रानी सिन्हा कॉलेज में परीक्षा के दौरान नकल के आरोप में पांच छात्रों को थाने लाया गया. इस दौरान एक छात्र सिपाहियों पर धौंस दिखा रहा था, जिससे एक सिपाही चिढ़ गया. सिपाही ने थाने पहुंचते ही इस छात्र की डंडे से धुनाई कर दी. सिपाही छात्र को पीटते हुए कैमरे में भी कैद हो गया. ये तो गनीमत रही कि पुलिस के एक अधिकारी ने आकर सिपाही को डांटा और छात्र को पीटने से रोका. सिपाही तब भी गुस्से में कुछ बोलता रहा.
अधिकारी के डांटने पर सिपाही थाने से बाहर आ गया. नकल एक अभिशाप है, लेकिन एक सिपाही को नाबालिग छात्र को इस तरह थाने में पीटने और कानून हाथ में लेने का अधिकार किसने दे दिया.
बता दें कि नवादा में चार दिन पहले भी नकल रोकने के लिए खुद जिलाधिकारी मनोज कुमार ने छापेमारी की थी. तब सेठ सागर मल महिला कालेज पर छापा मार कर 33 छात्राओं को नकल की पर्चियों के साथ पकड़ा गया था.