बिहार राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में अपने नगर निगम चुनावों के लिए नई तारीखों की घोषणा की है. जनसंख्या के हिसाब से भारत के दूसरे सबसे बड़े राज्य में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव दो चरणों में 18 और 28 दिसंबर 2022 को होंगे. आज पहले चरण की वोटिंग के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगी.
चुनाव आयोग के मुताबिक, बिहार में 224 नगरपालिका सीटों के लिए नगर निकाय चुनाव होगा. घोषणाओं के अनुसार, पहले चरण की मतगणना 20 दिसंबर को होगी, जबकि दूसरे चरण के रिजल्टों की घोषणा 30 दिंसबर को की जाएगी. चुनावों में पिछले नगरपालिका चुनावों की तरह इस बार भी किसी पार्टी के चुनाव चिह्न की अनुमति नहीं होगी.
बता दें कि राज्य में 17 नगर निगमों, 70 नगर परिषदों और 137 नगर पंचायतों में लगभग 1 करोड़ 14 लाख 52 हजार 759 मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोटिंग करेंगे. चुनाव आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में कहा है कि मतदान की निर्धारित अवधि और मतगणना का समय यथावत रहेगा. बिहार नगर निगम चुनाव के लिए मतदान ईवीएम से होगा और चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव को लेकर पहले ही दिए गए निर्देश भी प्रभावी रहेंगे.
चुनाव आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा ने चुनावों की जानकारी देते हुए कहा कि पहले और दूसरे चरण में नामांकित उम्मीदवारों के आधार पर चुनाव होंगे. कोई नया नामांकन नहीं लिया जाएगा. सिन्हा ने यह भी कहा कि नगर पालिकाओं में मतगणना के बाद परिणाम घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता अपने आप समाप्त हो जाएगी.
हाईकोर्ट के आदेश से चुनाव में हुई देरी
इससे पहले, बिहार में नगरपालिका चुनाव अक्टूबर में होने थे, लेकिन पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसमें देरी हुई. चुनाव आयोग ने कहा कि हाईकोर्ट के 4 अक्टूबर के आदेश के बाद गठित एक "समर्पित आयोग" की रिपोर्ट शहरी विकास विभाग द्वारा प्राप्त होने पर संशोधित कार्यक्रम तैयार किया गया था. अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि राज्य के नगरपालिका चुनावों में अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए कोटा "अवैध" था, क्योंकि ये एक समर्पित आयोग की रिपोर्ट पर आधारित नहीं थे. इसके अलावा, अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ऐसी सभी आरक्षित सीटों को सामान्य श्रेणी से संबंधित "फिर से अधिसूचित" करने के बाद चुनाव करा सकती है.