scorecardresearch
 

बिहार सरकार प्रदूषण रोकने के लिए पटना में 15 साल पुरानी डीजल गाड़ियों पर लगाएगी बैन

पटना में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी में 15 साल पुरानी डीजल वाली गाड़ियों पर बैन लगाने का फैसला कर लिया है. पटना में भी प्रदूषण चिंता का विषय बन गया है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिए निर्देश

एक तरफ जहां दिल्ली सरकार ने सड़क पर ट्रैफिक और हवा में प्रदूषण कम करने के लिए ऑड-इवन का फॉर्मूला ट्राई करने का फैसला कर लिया है, वहीं दूसरी तरफ बिहार सरकार ने भी पुरानी गाड़ियों को रिटायरमेंट देने का फैसला कर लिया है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी में बढ़ते ध्वनि और वायू प्रदूषण को देखते हुए ये फैसला किया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तुरंत प्रभाव से ऐसी डीजल गाड़ियों पर रोक लगाई जाए, जो 15 साल पुरानी हैं.

प्रदेश के पर्यावरण एवं वन विभाग के सचिव विवेक कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें इन कारों पर बैन लगाने का फैसला किया गया. इस बैठक में सीएम ने अधिकारियों को शहरों में अनावश्यक सायरन, हूटर और हॉर्न बजाने पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए.

ये मुद्दा अक्टूबर 2013 से पेंडिंग था, जिस वक्त प्रदेश परिवहन प्रशासन ने इस मुद्दे पर फैसला कर लिया था.

बिहार प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 14 दिसंबर 2015 को मुख्य सचिव को एडवाइजरी भेजी थी, जिसमें लिखा था कि नवंबर-दिसंबर 2015 में पटना में एयर क्वालिटी इंडेक्स(वायु गुणवत्ता सूचकांक) 400 पार कर गया है. उसमें ये भी कहा गया कि ये अब तक रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक और कचरे को जलाने पर भी सख्ती से रोक लगाई जाए. उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु प्रदूषण रोकने के लिए गंगा किनारे और पटना शहर के आसपास के सभी ईंट-भट्ठों पर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने का आदेश दिया.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें