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जनता के पैसे से ताउम्र मौज उड़ाएंगे सभी पूर्व मुख्‍यमंत्री

बिहार में लालू, राबड़ी और नीतीश सहित सभी छह पूर्व मुख्यमंत्रियों की चांदी हो गई है. राज्य की नई मांझी सरकार ने उनकी सुविधाओं के लिए अपना खजाना खोल दिया है. सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मुफ्त बिजली मिलेगी, ताउम्र 8 लोगों का सेक्रेटेरियट साथ रहेगा, जिसमें निजी सचिव से लेकर ड्राइवर तक मिलेगा, घर के भीतर की तमाम सुविधाएं आजीवन मिलती रहेंगी.

जीतन राम मांझी जीतन राम मांझी

बिहार में लालू, राबड़ी और नीतीश सहित सभी छह पूर्व मुख्यमंत्रियों की चांदी हो गई है. राज्य की नई मांझी सरकार ने उनकी सुविधाओं के लिए अपना खजाना खोल दिया है. सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मुफ्त बिजली मिलेगी, ताउम्र 8 लोगों का सेक्रेटेरियट साथ रहेगा, जिसमें निजी सचिव से लेकर ड्राइवर तक मिलेगा, घर के भीतर की तमाम सुविधाएं आजीवन मिलती रहेंगी. आपकों बता दें कि तमाम मुख्यमंत्रियों को बड़ा सरकारी बंगला और सुरक्षा पहले से ही मिलती रही है. जीतनराम राम मांझी का ये नया तोहफा रास तो सबको आ रहा है लेकिन जनता के पैसे का जबाब किसी को नहीं सूझ रहा.

नीतीश कुमार ने अपने शासन में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगले का तोहफा दिया था तो जीतनराम मांझी ने आते ही पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए सुविधाओं की ऐसी झड़ी लगाई कि लोग हैरत में पड़ गए. मांझी ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन मुफ्त बिजली देने का ऐलान कर दिया साथ ही पद से हटने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय की कमी ना महसूस इसलिए 8 लोगों का सेक्रेटेरियट भी दे दिया, यही नहीं मुख्यमंत्री के बंगले और बिजली के अलावा बंगले के तमाम साजो-सामान भी उन्हें पहले की तरह ही मिलते रहेंगे.

आपकों बता दें कि पूर्व मुख्यमत्री को क्या-क्या मिलेगा--

- पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले में आजीवन बिजली मुफ्त मिलेगी.
- सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को 8 लोगों का सेक्रेटेरियट मिलेगा जिसमें एक आप्त सचिव, एक निजी सचिव, 2 स्टोनो, तीन आदेशपाल और एक ड्राइवर होगा.
- इसके अलावा मुख्यमत्रियों के बंगले की साज-सज्जा का जिम्मा भी सरकार उठाएगी.
- सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़े सरकारी बंगले की सुविधा पहले से मिली है.
- सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में दर्जनभर से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लगे हैं.

इस समय बिहार में कुल 6 पूर्व मुख्यमंत्री हैं जिसमें राबड़ी देवी, लालू यादव, नीतीश कुमार, जगन्नाथ मिश्र, रामसुंदर दास औऱ सतीश कुमार हैं. इन सबों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा. पिछली कैबिनेट में जैसे ही मांझी सरकार ने सुविधाओं का ऐलान किया इसपर सियासत भी शुरू हो गई. बीजेपी ने इसे लालू-राबड़ी के दबाव में लिया फैसला बताया तो राबड़ी देवी इस सुविधा से पल्ला झाड़ती दिखीं. सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि लालू–राबड़ी को फायदा पहुंचाने के लिए मांझी सरकार ने ये फैसला किया.

दरअसल मांझी सरकार ने नीतीश कुमार के पद से हटते ही उनके लिए 10 स्टाफ का फैसला किया था लेकिन नीतीश कुमार ने उसे ठुकरा दिया था, ऐसे में मांझी कैबिनेट वो तोहफा लेकर आई जिससे सभी पूर्व मुख्यमंत्री खुश हो गए. अब सरकार को इस बात का जबाब देते नहीं बन रहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों पर इनता खर्च कितना जायज है वो भी तब जब तमाम लोग अपना खर्च उठाने सक्षम हैं.

इस गरीब राज्य में पूर्व मुख्यमंत्रियों के सुविधा के नाम पर सरकार करोड़ों का खर्च होगा लेकिन किसी ने इसपर सवाल नहीं उठाए हैं. कई पूर्व मुख्यमंत्री ये जरूरी बता रहे हैं तो कुछ ने चुप रहना ही बेहतर समझा है, लेकिन एक बात तय है मुख्यमंत्री ने अपने लिए सुविधाएं तय करते वक्त जनता का राय का ख्याल तक नहीं किया.

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