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बिहार विधानसभा में हुई थी विधायकों संग मारपीट, अब दो पुलिसकर्मी निलंबित

गौरतलब है कि विपक्षी सदस्यों ने स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को उनके कक्ष में ही बंधक बना लिया था. इसके बाद बाहर से पुलिस बल और प्रशासन के लोग बुलाए गए थे. बाहर से आए प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग करते हुए विधायकों को जबरन बाहर निकाला था.

बिहार विधानसभा में हुई थी विधायकों संग मारपीट, दो पुलिसकर्मी निलंबित बिहार विधानसभा में हुई थी विधायकों संग मारपीट, दो पुलिसकर्मी निलंबित
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार विधानसभा में हुई थी विधायकों संग मारपीट
  • दो पुलिसकर्मी किए गए निलंबित

बिहार विधानसभा में विधायकों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने के आरोप में 2 पुलिसकर्मियों को निलबिंत किया गया है. विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जांच के बाद दोनों दोषी पाए गए हैं.  बिहार विधानसभा में 23 मार्च को विधायकों की हुई पिटाई के मामले में दो पुलिसकर्मियों शेषनाथ प्रसाद और रंजीत कुमार के खिलाफ ये एक्शन लिया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने गैरज़िम्मेदाराना व्यवहार किया और नियमों का भी उल्लघंन हुआ.

बिहार विधानसभा में हुई थी विधायकों संग मारपीट

गौरतलब है कि विपक्षी सदस्यों ने स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को उनके कक्ष में ही बंधक बना लिया था. इसके बाद बाहर से पुलिस बल और प्रशासन के लोग बुलाए गए थे. बाहर से आए प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग करते हुए विधायकों को जबरन बाहर निकाला था. कांग्रेस के विधायक संतोष मिश्रा को लात जूतों से पीटा गया था. 

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में मार्शलों की संख्या बहुत कम है. उनकी मदद के लिए हमेशा अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया जाता है. लेकिन साथ मे ये हिदायत भी दी जाती है कि माननीय सदस्यों को छूना नही है. लेकिन इन पुलिसकर्मियों ने अमर्यादित और गैरज़िम्मेदाराना व्यवहार किया है. वीडियो और सीसीटीव फुटेज के आधार पर जांच के बाद कार्रवाई की गई है. दोनों को निलंबित करने का फैसला लिया गया है. बिहार के पुलिस महानिदेशक को मैंने जांच कराने के लिये कहा था.

विधायकों से नाराज विधानसभा अध्यक्ष 

विधानसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि पिछला सत्र बहुत अच्छा चला. 93 प्रतिशत प्रश्नों का जवाब सदस्यों को मिला. लेकिन सत्र के अंतिम दिन कुछ सदस्यों के द्वारा सदन के कार्य में बाधा बन डेडलॉक उत्पन्न करने की कोशिश की गई. मैं उस व्यवहार को अमर्यादित मानता हूं. इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अब विधान मंडल का मानसून सत्र 26 जुलाई से शुरू होने वाला है और उसके ठीक पहले दोषी कर्मियों के ऊपर एक्शन हुआ है. तेजस्वी यादव ने सत्र शुरू होने के पहले कारवाई किये जाने की मांग भी की थी.

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