केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को पटना में पहली वर्चुअल रैली को संबोधित किया. अपने इस संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर निशाना साधा. दरअसल, रैली से पहले आरजेडी ने अमित शाह की रैली का थाली बजाकर विरोध किया था. इस पर शाह ने कहा कि वक्रद्रष्टा लोग दिल्ली में मौज करने की जगह एक वर्चुअल रैली ही कर लेते. शाह ने यह भी कहा कि वर्चुअल रैली का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है.
बिहार ने मानी पीएम की अपील
संबोधन में अमित शाह ने कहा, आज जब मैं वर्चुअल रैली के माध्यम से आपसे संवाद कर रहा हूं तब कुछ लोगों ने अभी थाली बजाकर इस रैली का स्वागत किया है. मुझे अच्छा लगा कि देर-सवेर मोदी जी की अपील को उन्होंने माना. जो वक्रदृष्टा लोग इसमें भी राजनीति देखते हैं, उन्हें मैं कहता हूं कि किसने उन्हें रोका है, दिल्ली में बैठकर मौज करने की जगह, दिल्ली से लेकर पटना और दरभंगा की जनता को जोड़ने के लिए एक वर्चुअल रैली ही कर लेते. अमित शाह ने कहा, ये राजनीतिक दल के गुणगान गाने की रैली नहीं है. ये रैली जनता को कोरोना के खिलाफ जंग में जोड़ने और उनके हौसले बुलंद करने के लिए है.
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रैली का चुनाव से मतलब नहीं
रैली की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा, आजादी के बाद जब कांग्रेस पार्टी की नेता श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया तब बिहार की जनता ने ही जेपी आंदोलन करके फिर से एक बार लोकतंत्र को स्थापित करने का काम किया. बिहार की धरती ने ही पहली बार दुनिया को लोकतंत्र का अनुभव कराया. जहां महान मगध साम्राज्य की नींव डाली गई. इस भूमि ने हमेशा भारत का नेतृत्व किया है. शाह ने कहा, 'इस रैली का चुनाव से कोई संबंध नहीं है. भाजपा लोकतंत्र में विश्वास रखती है. कोरोना संकट में हम जन संपर्क के अपने संस्कार को भुला नहीं सकते. मैं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को बधाई देता हूं कि 75 वर्चुअल रैली के माध्यम से उन्होंने जनता से जुड़ने का मौका दिया है.'