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बिहार

चुनावी तोहफा, समस्तीपुर में तीन साल से बंद पड़ी जूट मिल खुली, शुरू होगा उत्पादन

रामेश्वर जूट मिल
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बिहार में चुनावी पारा चढ़ता जा रहा है और सभी राजनीतिक पार्टियां वोटरों को लुभाने की जुगत में जुट गई है. हालांकि इस चुनावी मौसम का समस्तीपुर के लोगों को बड़ा फायदा पहुंचा है. करीब 3 साल से बंद बिहार की एक मात्र जूट मिल में फिर से काम शुरू हो गया है. (इनपुट - जहांगीर आलम)

रामेश्वर जूट मिल
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बिहार सरकार में उद्योग मंत्री महेश्वर हजारी ने रिबन काट कर रामेश्वर जूट मिल का परिचालन शुरू करवाया. मिल के शुभारंभ के बाद उन्होंने कहा, 'मिल प्रबंधन से बात हुई थी कि सरकार की तरफ से जो भी प्रोत्साहन राशि है वो दिलवाएंगे, जो बकाया है वो भी दिलवाएंगे. मैं धन्यवाद देना चाहूंगा समस्तीपुर के डीएम और एसडीओ को जिन्होंने रात दिन लग कर इस मिल को खुलवाने के लिए अथक प्रयास किया.

रामेश्वर जूट मिल
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मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि बिहार सरकार की तरफ से मिल मालिक को हमने बताया कि मिल बंद होने से हजारों लोग बेरोजगार हो गये हैं. आप इसको चालू कीजिए. बिहार सरकार हर संभव मदद करेगी. 

रामेश्वर जूट मिल
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उन्होंने कहा, बिजली बिल 70 लाख रुपये था जिसे घटाकर 28 लाख रुपये कर दिया गया. अब मिल प्रबंधन को वो बिल भी चार किस्तों में देना है जिसकी पहली किस्त 7 रुपये दे दी गई है. बता दें कि बिहार सरकार पर मिल का 26 करोड़ रुपये बकाया है जिसके जल्द से जल्द भुगतान का उद्योग मंत्री ने वादा गिया है. उन्होंने कहा कि दो से तीन दिनों में मिल को पैसा मिल जाएगा. राज्य सरकार ने पांच साल के लिए मिल से एग्रीमेंट भी किया है.

रामेश्वर जूट मिल
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बता दें कि बंद होने से पहले इस जूट मिल की उत्पादन क्षमता 70 टन प्रतिदिन थी. अत्यधिक कर्ज की वजह से मिल बंद कर दी गई थी जिससे समस्तीपुर के हजारों लोग बेरोजगार हो गए थे. मिल खुलने की खबर से मजदूरों में एक बार फिर खुशी का माहौल है.
 

रामेश्वर जूट मिल
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मिल को फिर से शुरू करवाने के लिए मजदूरों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि तक लगातार आंदोलन कर रहे थे. मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट था जिसके बाद तीन साल से बंद पड़े इस मिल को खुलवाने के लिए मजदूर यूनियन लगातार प्रदर्शन कर रहे थे.