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जनादेश

फोटो साभारः इंडिया टुडे

बिहारः चुनावों से पहले क्यों हमलावर होते हैं मांझी, सहनी और कुशवाहा?

19 मार्च 2020

हालांकि, राजद और तेजस्वी पर बयानबाजियों के बाद उपेंद्र कुशवाहा और मुकेश सहनी ने जीतनराम मांझी का साथ छोड़ दिया है पर हर चुनावों से पहले राजद पर क्यों हमलावर होते हैं मांझी, सहनी और कुशवाहा?

जीत के बाद अरविंद केजरीवाल

कैसे बस गए दिल्ली के दिल में आप

11 फरवरी 2020

जहां एक तरफ छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और अब दिल्ली, एक के बाद एक सात राज्यों को हारने के बाद भाजपा को चुनाव प्रचार की रणनीति में बदलाव लाने की जरूरत साफ दिखाई दे रही है वहीं इन चुनाव नतीजों ने अरविंद केजरीवाल का कद और बड़ा कर दिया. जहां ममता बनर्जी,  तेलंगाना के केसीआर जैसे नेता मोदी की आंधी की चपेट में आ गए वहीं केजरीवाल ने अपनी दिल्ली में भाजपा को कह सकते हैं, फटकने नहीं दिया.

फोटोः पीटीआइ

दिल्ली चुनावः ये नतीजे संयोग नहीं, सफल प्रयोग हैं

11 फरवरी 2020

2020 के विधानसभा चुनाव में केजरीवाल ने 2015 के आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन को लगभग दोहरा दिया है तो इसकी ठोस वजहें, बड़े मायने हैं. साथ ही भविष्य की राजनीति के कुछ संकेत भी पकड़े जा सकते हैं. ये वैकल्पिक राजनीति का वास्ता देकर राजनीति में आए अरविंद केजरीवाल और उनकी प्रयोग की राजनीति की सफलता का दस्तावेज हैं.  

फोटोः पीटीआइ

जीत लायक वोट हासिल करने से चूकती दिख रही भाजपा

10 फरवरी 2020

विभिन्न एजेंसिंयों के एक्जिट पोल में आम आदमी पार्टी के मुकाबले भाजपा या कांग्रेस दूर-दूर तक नहीं है. वोटिंग के ट्रेंड से यही अंदाजा लग रहा है कि भाजपा अपने मजबूत गढ़ में भी वोट बटोरने से चूक गई है

फोटो सौजन्यः इंडिया टुडे

दिल्ली चुनावः पूर्ण राज्य मुद्दा नहीं रहा भाजपा-कांग्रेस के लिए

03 फरवरी 2020

दिल्ली के चुनाव सिर पर आ चुके हैं प्रचार तेजी से हो रहा है लेकिन एक मुद्दा प्रचार से पूरी तरह गायब है और वह है पूर्ण राज्य के दर्जे का मसला. जब भाजपा दिल्ली और केंद्र की सत्ता से बाहर थी तब तक वह पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग करती रही लेकिन केंद्र में सत्ता हासिल करने के बाद उसने इस मुद्दे को छोड़ दिया है.

फोटो सौजन्यः इंडिया टुडे

दिल्ली चुनावः कई विधायकों के टिकट काटेगी आम आदमी पार्टी, सूची जल्द

14 जनवरी 2020

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी एक-दो दिन में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सकती है. पिछली बार जिन तीन सीटों पर पार्टी हारी थी वहां उम्मीदवार बदले जाएंगे जबकि लोकसभा चुनाव लड़ चुके तीन नेता भी विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं. पार्टी करीब 10 सीटों पर टिकट काट या बदल सकती है. दूसरी पार्टी से आए दमदार नेताओं को भी पार्टी चुनाव में उतारने जा रही है

झारखंड चुनाव

झारखंड में सत्ता और इकबाल दोनो हारी भाजपा

23 दिसंबर 2019

जमशेदपुर पूर्वी सीट से मुख्यमंत्री रघुवर दास पिछले चुनाव में 70 हजार वोटों से चुनाव जीते थे. इस बार अपने पूर्व सहयोगी मंत्री रहे और निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय से 10 हजार से अधिक वोटों से पीछे चल रहे हैं. बेरमो सीट पिछले चुनाव में भाजपा के योगेश्वर महतो 12 हजार से अधिक वोटों से जीते थे इस बार 25 हजार से अधिक वोटों से वह पीछे चल रहे हैं.

झारखंज में भाजपा से बागी हुए सरयू राय

सरयू बोले, निर्दलीय चुनाव लड़ा और निर्दलीय ही रहूंगा

23 दिसंबर 2019

किसी भी कीमत पर भाजपा के साथ अब दोबारा नहीं जाऊंगा. मैं सरकार की नीतियों का मूल्यांकन करने के बाद उनका समर्थन या विरोध करता रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा.

फोटो सौजन्यः इंडिया टुडे

झारखंड में हर बार हारते हैं पदासीन विधानसभा अध्यक्ष, इस बार भी पीछे

23 दिसंबर 2019

भले ही इसे चुनावी आंकड़ों का अंधविश्वास कहा जाए, पर ट्रेंड है कि झारखंड गठन के बाद से हर बार पीठासीन विधानसभा अध्यक्ष अपना अगला चुनाव हार जाते हैं. इस बार भी निवर्तमान विधानसभा स्पीकर दिनेश उरांव पराजय की कगार पर खड़े हैं

फोटोः पीटीआइ

झारखंड में छोटे दलों की बड़ी उम्मीद

16 दिसंबर 2019

झारखंड में छोटे दलों की बड़ी उम्मीद लगाई जा रही है और जानकारों का कहना है कि आजसू और जेवीएम होंगे किंगमेकर!

एक रैली के दौरान सरयू राय

झारखंड चुनावः सरयू राय ने कहा फैक्स से भेजा इस्तीफा, राज्यपाल ने कहा नहीं मिला ?

11 दिसंबर 2019

क्या वाकई झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास को यह डर सता रहा है कि सरयू राय की बर्खास्तगी राय को हीरो बना देगी?