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Omicron Side Effects: पुरुषों में देखे जा रहे ये 'गंभीर लक्षण'

Omicron Rare Side Effects: दुनियाभर में Omicron वैरिएंट की वजह से कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं लोग लॉन्ग कोविड के शिकार (Long Covid Victims) भी हो रहे हैं, जिसकी वजह से ठीक होने के बाद भी उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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सांकेतिक फोटो (Getty Images) सांकेतिक फोटो (Getty Images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं
  • लोग लॉन्ग कोविड के शिकार हो रहे
  • कई तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे

Omicron Effects: दुनिया कोरोना वायरस (COVID-19) के संकट से जूझ रही है. Omicron वैरिएंट की वजह से कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं लोग लॉन्ग कोविड के शिकार (Long Covid Victims) भी हो रहे हैं, जिसकी वजह से ठीक होने के बाद भी उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच ब्राजील की एक मॉडल (Brazil Model) ने दावा किया है कि कोविड की वजह से उसके बॉयफ्रेंड के प्राइवेट पार्ट की लंबाई घट गई.

'डेली स्टार' के मुताबिक, 31 वर्षीय मॉडल का नाम सूज़ी कॉर्टेज़ (Suzy Cortez) है. सूज़ी ने हाल ही में दावा किया कि कोरोना के कारण उसके बॉयफ्रेंड का 'प्राइवेट पार्ट छोटा हो गया' गया. इस बारे में खुद उसके बॉयफ्रेंड ने उसे बताया था. 

सूज़ी कॉर्टेज़ कहती हैं कि हम सभी ने सुना है कि Coronavirus से बीमार पड़ने पर थकान, स्वाद या गंध की कमी या लगातार खांसी हो सकती है, लेकिन अगर वायरस हमारे शरीर की रचना को प्रभावित करे तो हैरान होना लाजिमी है. अब वह लोगों को कोरोना से बचाव के लिए मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सलाह देती हैं. 

क्या कहते हैं डॉक्टर? 

SARS-CoV-2 Virus पर शोध कर रहे वैज्ञानिक और डॉक्टर दावा करते हैं कि कोविड का प्राइवेट पार्ट के ऊतकों पर प्रभाव पड़ सकता है. यहां तक ​​कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) भी हो सकता है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में नपुंसकता भी कहते हैं.  

मेडिकल जर्नल में भी छपा था ऐसा मामला
 
हालांकि, ये कोई पहला मौका नहीं है जब किसी ने प्राइवेट पार्ट (Private Part) में आई दिक्कत के लिए लॉन्ग कोविड (Long Covid Effects) को जिम्मेदार ठहराया. इसके पहले एक शादीशुदा ईरानी आदमी ने प्राइवेट पार्ट में उठे दर्द की वजह COVID संक्रमण बताई थी. 

इस बारे में एक मेडिकल जर्नल में लिखते हुए, ईरानी डॉक्टरों की एक टीम ने बताया था कि कैसे वायरस ने उस 41 वर्षीय आदमी के शरीर में खून का थक्का जमा दिया. यूरिन एक्सपर्ट के पास जाने से पहले तीन दिनों तक उस आदमी को दर्द सहना पड़ा. आदमी ने बताया कि सेक्स के दौरान इरेक्शन के बाद उसे बेचैनी शुरू हुई थी और तीन हफ्ते पहले वह Corona Positive हुआ था.

डॉक्टरों ने कही ये बात

ईरानी Radiologist मुर्तजा बघेरी ने Clinical Case Reports को बताया कि उसे बुखार, खांसी और थकान सहित हल्के लक्षण थे. ऐसे में कोई दवा लेने की जरूरत नहीं थी. लेकिन जब दर्द के बाद अस्पताल में उसका परीक्षण किया गया तो पता चला कि उसके प्राइवेट पार्ट में खून का बहाव करने वाली नस में रक्त का थक्का बन रहा था, जो ब्लड सर्कुलेशन को बाधित कर रहा था. हालांकि, इलाज के बाद इस दिक्कत को दूर कर दिया गया. 

रिपोर्ट में डॉक्टरों ने कहा- "इलाज शुरू करने के दो महीने बाद, रोगी के लक्षण पूरी तरह से गायब हो गए थे और उसे सेक्स के दौरान कोई दर्द नहीं हो रहा था." 

अमेरिकी एक्सपर्ट ने क्या कहा? 

इस मसले पर अमेरिका की Urologist Ashley Winter MD का कहना है कि कोविड के बाद प्राइवेट पार्ट का सिकुड़ना इरेक्टाइल डिसफंक्शन का एक दुष्प्रभाव है. उन्होंने कहा- “यह सच है कि Erectile Dysfunction होने से Penis छोटा हो जाता है." 

डॉक्टर Ashley Winter ने बताया कि जब कोविड पेनिस में पाई जाने वाली रक्त वाहिकाओं की एंडोथेलियल कोशिकाओं में प्रवेश करता है, तो यह रक्त प्रवाह को बाधित कर सकता है. वैज्ञानिकों का भी कहना है कोरोना महामारी केवल श्वसन संबंधी लक्षण पैदा नहीं करती. इसकी अन्य विशेषताओं में से एक रक्त के थक्के बनने की प्रवृत्ति को बढ़ाना है, जो अक्सर मौत का कारण बनता है. 

अमेरिका के Ohio में एक 69 वर्षीय व्यक्ति को अपने प्राईवेट पार्ट में रक्त के थक्के जमने की समस्या के कारण इरेक्शन की स्थिति का सामना करना पड़ा था. 'द अमेरिकन जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिसिन' में मेडिक्स ने बताया कि उस शख्स का मानना ​​​​था कि COVID उसके प्राइवेट पार्ट में थक्के बनने का कारण बना. बाद में डॉक्टरों को सुई की मदद से प्राइवेट पार्ट से खून निकालना पड़ा.  

ये समस्याएं भी देखने को मिलीं? 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, Long Covid इंसान की बॉडी में 200 से अधिक लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है. इसको लेकर शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना से उपजी ये कमजोर करने वाली समस्याएं मस्तिष्क, फेफड़े और त्वचा सहित 10 अंग प्रणालियों को प्रभावित करती हैं. 

इनमें थकान ऐसा लक्षण था, जिसने लगभग हर रोगी (98.3 प्रतिशत) को प्रभावित किया. इसके अलावा सांस और याददाश्त की समस्याएं, सांस फूलना, हांफना जैसी समस्याएं भी लॉन्ग कोविड के शिकार लोगों में देखने को मिली. इन सबके अलावा सेक्सुअल डिसॉर्डर, खुजली, मासिक धर्म में दिक्कत, पेशाब करने में दिक्कत, दाद, दस्त आदि समस्याएं भी लोगों को महसूस हुईं.

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