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हेल्थ न्यूज़

वैक्सीन की पहली-दूसरी डोज के बीच प्रेग्नेंसी कितनी सेफ, जानें- विशेषज्ञों की राय

प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
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भारत सरकार ने फिलहाल 18 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन लगाने का प्रावधान किया है. इसके अलावा अब प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी वैक्सीन की गाइडलाइन आ गई है. इस आयुवर्ग को रिप्रोडक्टिव एज ग्रुप यानी प्रजनन आयु समूह कहा जाता है जिसमें अध‍िकांश विवाहित हैं जो फैमिली प्लान कर रहे हैं या उनका विवाह होने वाला है. वहीं इस समूह में वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियां भी बहुत हैं. मसलन ये भी दुष्प्रचारित किया जा चुका है कि कोरोना  वैक्सीन बांझपन या नपुंसकता की वजह बन सकती है. ये केवल महिलाओं के ही नहीं, पुरुषों के बारे में भी कहा गया. कोविड वैक्सीन और प्रजनन क्षमता को लेकर विभिन्न विषयों पर सफदरजंग अस्पताल की नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ कोविड 19 नोडल अधिकारी और महिला एवं प्रसूति रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुमित्रा बचानी की राय जानिए. 

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USA में भारत से लगभग 16 दिन पहले दिसंबर 2020 से कोविड वैक्सीनेशन शुरू किया गया. वहां हुए एक शोध में महिलाओं को वैक्सीन के बाद होने वाले प्रभावों को देखा गया. शोध में शामिल कई महिलाओं ने टीकाकरण के बाद गर्भधारण किया. इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि वैक्सीन लेने से प्रजनन क्षमता पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ता है. कोविड वैक्सीन ही नहीं किसी भी वैक्सीन के ऐसे प्रभाव नहीं देखे गए, हम सभी को बचपन में कई तरह की बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण किया जाता है, सालों से चल रहे इस टीकाकरण के प्रजनन क्षमता कम करने जैसे प्रभाव नहीं देखे गए. दरअसल वैक्सीन वायरस के खिलाफ शरीर में रक्षा कवच तैयार करता है, इसका अन्य किसी चीज पर किसी तरह का असर नहीं पड़ता है. कोविड वैक्सीन प्राप्त महिला यदि गर्भधारण करती है तो वह अपने शिशु को एंटीबॉडी दे सकती है, जिससे वैक्सीन नवजात को भी संक्रमण से मुक्त रखेगी. 

डॉ. सुमित्रा बचानी, सफदरगंज हॉस्प‍िटल
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डॉ सुमित्रा बचानी कहती हैं कि हमारे पास ओपीडी में कई दम्पति इस तरह के सवाल लेकर पहुंच रहे हैं कि हम परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं या अभी परिवार को नहीं बढ़ाना चाहते इसलिए ओरल कांट्रसेप्टिव ले रहे हैं, इस स्थिति में भी कोविड का वैक्सीन ले सकते हैं क्या? इस विषय में दो बातें स्पष्ट रूप से समझ लेना जरूरी है कि यदि आपने वैक्सीन ली है उसके बाद आप परिवार को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं तो यह न केवल आपको बल्कि गर्भस्थ शिशु को भी संक्रमण से सुरक्षित रखेगा.

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दूसरा परिवार नियोजन के जो पिल्स लिए जाते हैं उनमें बहुत कम मात्रा में स्टेरॉयड होता है, जिससे गर्भधारण के लिए जरूरी हार्मोन निर्माण रोकने के लिए किया जाता है, लेकिन ये स्टेरॉयड्स नुकसानदायक नहीं होते. गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगवाने के लिए हाल ही में सरकार ने गाइडलाइन जारी की है, जिसमें गर्भवती महिलाओं के वैक्सीनेशन संबंधी सभी शंकाओं को दूर किया गया है. उपलब्ध सभी वैक्सीन को गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित पाया गया है. 

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विशेषज्ञ मानते हैं कि यूं तो कोविड संक्रमण के प्रति एक आदर्श स्थिति हासिल करने के लिए दोनों डोज लेने के बाद परिवार को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए. लेकिन फिर भी यदि जाने अनजाने एक डोज के बाद गर्भधारण कर लिया है तो डरने या चिंता करने की बात नहीं है. आप इस स्थिति में भी निर्धारित समय पर दूसरी डोज ले सकती हैं. इससे भी गर्भस्थ शिशु को संक्रमण के प्रति रक्षा कवच तैयार करने में मदद मिलेगी.

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अगर आप जागरूक दम्पति हैं और योजना बनाकर परिवार बढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं तो एक आदर्श स्थिति यही है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद ही गर्भधारण पर विचार करें. इससे मां और शिशु को अधिक बेहतर एंटीबॉडी प्राप्त होगी. यदि कोवैक्सीन ले रहे हैं तो 28 दिन के बाद दूसरी डोज ली जा सकती है, और इस अंतराल के बाद परिवार बढ़ाने के बारे में सोचा जा सकता है. 

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अगर आपको पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम) या यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) की समस्या है उस स्थिति में वैक्सीन कब लेनी चाहिए. इसके जवाब में विशेषज्ञ कहते हैं कि हाइपरटेंशन, डायबिटीज या दिल की किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत वैक्सीन लेना चाहिए. इन महिलाओं को कोविड संक्रमण होने पर कोविड की गंभीर अवस्था होने का खतरा बना रहता है. इसी तरह पीसीओएस और यूटीआई होने पर भी महिलाओं को वैक्सीन लेनी चाहिए यदि उनकी बीमारी नियंत्रित है तो वह बिना किसी खतरे के वैक्सीन ले सकती हैं.

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केवल कुछ ऐसे मामलों में जबकि मरीज किसी तरह की गंभीर एलर्जी का शिकार है, या उसे इम्यूनो सप्रेंट दवाएं दी जा रही हैं, या जिन्हें यूटीआई की वजह से बुखार या अन्य किसी तरह का त्वचा संक्रमण है ऐसी स्थिति में अपने चिकित्सक से सलाह लेने के बाद ही वैक्सीन लगवाएं. यह आपके लिए ज्यादा सेफ रहते हैं. इसी तरह माहवारी या पीरियड में भी वैक्सीन लेने को लेकर महिलाओं में दुविधा रहती है. इस पर डॉ बचानी कहती हैं कि माहवारी के दौरान वैक्सीन लेना एकदम सेफ है. इससे संबंधित किसी तरह का मन में भ्रम नहीं होना चाहिए.