
दिल्ली के मुंडका इलाके की जिस इमारत में आग लगने से 25 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, उसके मालिक को अब गिरफ्तार कर लिया गया है.
अब सोशल मीडिया पर कुछ लोग कि दयानंद के हिंदू होने की वजह से उनके इस योगदान को नजरअंदाज किया जा रहा है. ये भी आरोप है कि दयानंद के बारे में न तो मीडिया में खबरें छपीं और न ही पत्रकारों ने उनकी तारीफ में कसीदे पढ़े. वहीं अगर वो (दयानंद), मुसलमान होता तो अब तक देशका हीरो बन चुका होता.मिसाल के तौर पर, एक ने इस बाबत लिखा,“दयानन्द तिवारी जो खुद एक गरीब परिवार से आते हैं उन्होंने डीजल या अपनी चिंता ना करके हुए 50 से ज्यादा लोगों को उस जलती इमारत से निकाला. आप कल्पना करिए यदि दयानंद तिवारी की जगह कोई अब्दुल या कोई रहमान होता उनका कितना गुणगान इस देश की मीडिया और सेक्युलर पत्रकारों द्वारा किया जाता.”

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि दिल्ली के हालिया मुंडका अग्निकांड में कई लोगों की जान बचाने वाले क्रेन ऑपरेटर दयानंद तिवारी की बहादुरी और जज्बे को लेकर ज्यादातर मीडिया वेबसाइट्स में खबर छपी थी. कई पत्रकारों ने भी सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ की थी.


दयानंद तिवारी और अनिल तिवारी को उनकी बहादुरी भरे कारनामे के बाद किसी ने कहा, किसी ने तो किसी ने उन्हें दे दिया. ‘न्यूज 18’ ने उनका एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया जिसे नीचे देखा जा सकता है.