
ईरान में बढ़ती महंगाई के विरोध में वहां चल रहे प्रदर्शनों के दौरान अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 1200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.
इन्हीं प्रदर्शनों के बीच अब सड़क पर उमड़े लोगों के विशाल हुजूम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसे शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि ये लोग ईरान की सरकार के समर्थन में रैली निकाल रहे हैं.
नेड्रिक न्यूज पंजाब नाम के एक न्यूज आउटलेट ने इस वीडियो को हालिया घटना के रूप में पेश करते हुए लिखा, "ईरान में सरकार के समर्थन में बड़ी रैली आयोजित की गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए. रैली का मकसद देश की स्थिरता और सरकार के खिलाफ बढ़ती असंतोष की स्थिति के बीच समर्थन जताना बताया जा रहा है. आयोजकों ने इसे राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक स्थिरता का संदेश बताया.#BreakingNews"

लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि छह साल पुराना ये वीडियो साल 2020 का है जब अमेरिका की एयर स्ट्राइक में मारे गए जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे में लाखों लोग शामिल हुए थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे कई सोशल मीडिया यूजर्स ने जनवरी 2020 में जनरल कासिम सुलेमानी की अंतिम यात्रा से संबंधित बताकर शेयर किया था.
हमें ईरान की न्यूज वेबसाइट Mashregh News की एक रिपोर्ट में भी ये वीडियो मिला. यहां भी इसे जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे से संबंधित ही बताया गया है. ये जनाजा ईरान के शहर अहवाज में निकला था.
लॉस एंजलेस टाइम्स ने भी कासिम के जनाजे में अहवाज में उमड़ी भारी भीड़ के बारे में खबर छापी थी जिसमें वायरल वीडियो से मिलती-जुलती लोकेशन देखी जा सकती है.
ईरान में खासे लोकप्रिय थे जनरल कासिम
ईरान की कुद्स फोर्स नामक सैन्य टुकड़ी के जनरल कासिम सुलेमानी 3 जनवरी, 2020 को बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हुए अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए थे. अमेरिकी सरकार ने उस इराक स्थित अपने सैन्य ठिकानों पर हमलों में उनकी भूमिका होने का आरोप लगाया था.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जनरल कासिम को ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बाद दूसरा सबसे ताकतवर शख्स माना जाता था. वो ईरान में इतने लोकप्रिय थे कि उन पर डॉक्यूमेंट्री फिल्में और रैप गाने भी बने थे. वो अमेरिका को अपने सबसे बड़े दुश्मनों में से एक मानते थे. वहीं, अमेरिका ने भी कुद्स फोर्स को 2007 में ही आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था.
इससे पहले जनवरी 2020 में ये वीडियो दिल्ली में एनआरसी को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का बताकर वायरल हुआ था. उस वक्त भी हमने इसकी सच्चाई बताई थी.