देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग बाढ़ और बारिश के वीडियोज सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. लेकिन इसी बीच एक बेहद हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें पानी आसमान से जमीन की ओर नहीं बल्कि जमीन से आसमान की ओर जाता दिखाई दे रहा है.
कई लोग कह रहे हैं कि ये वीडियो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर का है जहां बादल गंगा नदी का पानी खींच कर ले गए.
ये वीडियो किसी नदी का लग रहा है जिसके किनारे एक बड़ा सा मैदान है. यहां घने बादल छाए हैं और नदी का पानी भाप बन कर तेजी से आसमान की ओर जा रहा है. आसमान में गोल-गोल घूमते हुए भाप के गुबार से ऊपर की तरफ एक सफेद लाइन बनती दिख रही है, जो कुछ दूरी के बाद गायब हो जाती है. किसी शख्स की आवाज भी सुनाई दे रही है जो इस दृश्य को देख कर हैरानी जता रहा है.
मिसाल के तौर पर एक ट्विटर यूजर ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "इलाहाबाद के संगम में गंगा से बादल पानी ले जाते हुए यह पहली बार हुआ है. यह 25-7-22 के शाम को हुआ, प्रकृति का अद्भुत दृश्य देखें".
ऐसे ही कुछ ट्वीट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये वीडियो न तो प्रयागराज का है और न ही हाल-फिलहाल का है. ये 8 जून, 2018 को पुणे, महाराष्ट्र की करहा नदी में आए वॉटरस्पाउट का वीडियो है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कुछ कीफ्रेम्स निकाले और उन्हें 'यांडेक्स' पर रिवर्स सर्च किया. ऐसा करने से हमें ये वीडियो 'ru-vid' नाम की एक वेबसाइट पर मिला. यहां इसे 8 जून, 2018 को मराठी कैप्शन के साथ शेयर किया गया था. कैप्शन का हिंदी अनुवाद है "बवंडर के कारण बांध के पानी के आसमान में उड़ने का वीडियो".
इतनी बात तो यहीं साबित हो जाती है कि ये वीडियो किसी हालिया घटना का नहीं हो सकता क्योंकि ये कम से कम 2018 से इंटरनेट पर मौजूद है.
\इस जानकारी की मदद से हमें इस घटना से जुड़ी NDTV की न्यूज रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट मौजूद है. रिपोर्ट में बताया गया है कि ये वीडियो जून, 2018 में पुणे के रणमाला गांव में आए एक बवंडर का है.

थोड़ा और खोजने पर हमें 'आजतक' के यूट्यूब चैनल पर इस घटना के बारे में एक न्यूज रिपोर्ट मिली. इसमें बताया गया है कि ये पुणे की करहा नदी पर बने नाजरे डैम का वीडियो है.
दरअसल भारी बारिश के बीच रणमाला गांव में 8 जून, 2018 को नाजरे बांध के पानी में एक बवंडर आया था जिसकी वजह से करीब एक किलोमीटर के दायरे में तबाही हुई थी. हालांकि इसमें जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था.
जब जमीन पर ऐसा बवंडर आता है तो उसे 'टॉरनेडो' कहते हैं, लेकिन पानी में आने वाले बवंडर को 'वॉटरस्पाउट' कहा जाता है. साफ है, ये एक पुरानी घटना है जिसका गंगा नदी या प्रयागराज से कुछ लेना-देना नहीं है.
(रिपोर्ट: संजना सक्सेना)