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फैक्ट चेक: यूपी पुलिस ने बेरोजगार छात्रों पर बरसाई लाठियां? ये तस्वीरें हैं दो साल पुरानी

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है. ये तस्वीरें बेशक लखनऊ की ही हैं और छात्रों के प्रदर्शन से ही जुड़ी हैं, लेकिन लगभग दो साल पुरानी हैं.

वायरल तस्वीर वायरल तस्वीर

देश में कहीं बेरोजगारी तो कहीं परीक्षाओं को लेकर छात्र अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए कहीं ताली-थाली बजाई जा रही हैं तो कहीं दीए-मोमबत्तियां जलाई जा रही हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरों के जरिये दावा किया जा रहा है कि लखनऊ में योगी सरकार की पुलिस ने बेरोजगार छात्रों की पिटाई की है. वायरल पोस्ट में तीन तस्वीरें है. पहली तस्वीर बुरी तरह से जख्मी हुए एक लड़के की है, वहीं बाकी तस्वीरों में पुलिस को युवाओं की भीड़ के सामने मोर्चाबंदी करते देखा जा सकता है. पुलिस के हाथ में लाठियां भी देखी जा सकती हैं. 

तस्वीरों को शेयर करते हुए लोग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए लिख रहे हैं 'बेरोजगार छात्रों को आज लखनऊ में नौकरी देते हुए ...योगी जी जियो महाराज आप शेर हो शेर'. 

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट भ्रामक है. ये तस्वीरें बेशक लखनऊ की ही हैं और छात्रों के प्रदर्शन से ही जुड़ी हैं, लेकिन लगभग दो साल पुरानी हैं. 

वायरल पोस्ट को फेसबुक पर 7,000 से भी ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. कई और लोगों ने भी इन तस्वीरों को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया है. ट्विटर पर भी इस वायरल पोस्ट को साझा किया जा रहा है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है. 

तीनों तस्वीरों को गूगल पर रिवर्स सर्च करने पर पता चला कि इन्हें 2 नवंबर 2018 को लखनऊ में क्लिक किया गया था. पहली तस्वीर अमर उजाला की एक रिपोर्ट के साथ देखी जा सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया था. इसी दौरान यूपी पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई थी और पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था. 

इस झड़प में एक दर्ज़न से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए थे. अभ्यर्थियों ने ये प्रदर्शन भर्ती में कटऑफ घटाने और रिक्त पदों को भरे जाने की मांग को लेकर किया था. पहली तस्वीर को राहुल गांधी ने भी योगी सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट किया था. दूसरी और तीसरी तस्वीरें भी इसी प्रदर्शन से जुड़ी हैं. इन तस्वीरों को उस समय खूब शेयर किया गया था. 

इस तरह ये साबित हो जाता है कि पोस्ट में दिखाई जा रही तस्वीरें अभी की नहीं बल्कि पुरानी हैं. हालांकि पिछले कुछ दिनों से यूपी सहित देश के कई हिस्सों में छात्र बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन जरूर कर रहे है. इसकी कुछ न्यूज़ रिपोर्ट्स भी इंटरनेट पर मौजूद हैं. लेकिन हमें हाल फ़िलहाल की ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिसमें यूपी पुलिस का बेरोजगारी को लेकर विरोध कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज करने का जिक्र हो. 
 

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

लखनऊ में योगी सरकार की पुलिस ने बेरोजगार छात्रों की पिटाई की.

निष्कर्ष

तस्वीरें लखनऊ की ही हैं और छात्रों के प्रदर्शन से ही जुड़ी हैं, लेकिन लगभग दो साल पुरानी हैं.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
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सोशल मीडिया यूजर्स
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