बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा के आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर एक विचलित कर देने वाला वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसमें कई महिलाओं और बच्चों की लाशें दिख रही हैं. साथ ही, लोगों के रोने की आवाजें भी आ रही हैं. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ये वीडियो बांग्लादेश का है जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कई हिंदू महिलाओं का बलात्कार और उनकी हत्या कर दी है. वीडियो पर लिखा है- “बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात”
इसे शेयर करने वाले कई लोग कैप्शन में लिख रहे हैं, “बांग्लादेश में १ वर्ष से लेकर ७० वर्ष तक कि आयु कि औरतों पर भी २०-२० मुसलमान ने बलात्कार किया और बाद में उन्हें मारकर फेंक दिया राहुल गांधी क्या आपको इन बेबस, बदनसीब, लाचार औरतों में अपनी माता, बहन, बेटी नहीं दिखती.”

लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो बांग्लादेश का नहीं है. ये उत्तर प्रदेश के हाथरस का वीडियो है जहां एक सत्संग में मची भगदड़ की वजह से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.
कैसे पता चली सच्चाई?
अगर बांग्लादेश में इतने बड़े स्तर पर हिंदुओं का कत्लेआम हुआ होता, तो ये एक बड़ी खबर होती. लेकिन हमें ऐसी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे 3 जुलाई, 2024 को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था. बांग्लादेश में शेख हसीना द्वारा 5 अगस्त को देश छोड़ने के बाद से लगातार वहां हिंदू विरोधी हिंसा की खबरें आ रही हैं. लेकिन ये वीडियो उस घटना से एक महीने पहले से यूट्यूब पर मौजूद है. यहां इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के हाथरस का बताया गया है, और लिखा है कि हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद भगदड़ मच गई.
इस जानकारी के आधार पर हमने आजतक के हाथरस संवाददाता राजेश सिंघल से संपर्क किया. राजेश ने बताया कि ये वीडियो हाथरस के सिकंदराराऊ में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के दौरान मची भगदड़ से संबंधित है. राजेश ने बताया कि ये ट्रॉमा सेंटर का वीडियो है, जहां भगदड़ के शिकार हुए पीड़ितों को लाया गया था.
हमें सत्संग में मची भगदड़ से संबंधित ऐसी न्यूज रिपोर्ट्स भी मिलीं, जिनमें वायरल वीडियो से मिलती-जुलती तस्वीरें हैं. जैसे, इंडिया टुडे की रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो से मेल खाती तस्वीर है, और इसे सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर का बताया गया है.

खबरों के अनुसार, 2 जुलाई, 2024 को हाथरस में सूरज पाल सिंह उर्फ भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग के दौरान भगदड़ मची थी, जिसमें करीब 120 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार इस मामले में चार्जशीट दायर करते हुए पुलिस ने 11 लोगों को आरोपी बनाया था. इनमें भोले बाबा का नाम नहीं था. मामला अभी कोर्ट में चल रहा है.
साफ है, हाथरस भगदड़ में मारे गए लोगों के शवों के वीडियो को बांग्लादेश में मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या से संबंधित बताया जा रहा है.