scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: इस शख्स को जबरन ताबूत में बंद करने का ये डराने वाला वीडियो सूडान का नहीं है

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक को कुछ लोग जबरन ताबूत में बंद कर रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सूडान का है. आजतक के फैक्ट चेक में जानें इसकी सच्चाई...

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
एक निर्दोष युवक को दफनाए जाने का ये वीडियो सूडान का है. इसका दोष सिर्फ इतना था कि इसके देश में बहुमूल्य खनिजों के भंडार मिले हैं जिन पर यूएई जैसे देशों की नजर है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये अगस्त 2016 का दक्षिण अफ्रीका का वीडियो है जब दो गोरे किसानों ने एक अश्वेत मजदूर को पीटा था और जबरन एक ताबूत में बंद कर दिया था.   

एक युवक को जबरन ताबूत में बंद करते कुछ लोगों का दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है. दावा है कि वीडियो सूडान का है. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि सूडान के इस शख्स का कसूर सिर्फ इतना था कि उसके देश में सोने-चांदी और कई बहुमूल्य खनिजों के भंडार मिले हैं जिन पर यूएई जैसे शक्तिशाली देशों की नजर है.

गौरतलब है कि सूडान ने यूएई पर आरोप लगाया है कि उसने सूडान के गृहयुद्ध में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) की मदद की, जिसके चलते हजारों लोग मारे गए. 

कुछ खबरों के मुताबिक यूएई ने आरएसएफ को हथियार सप्लाई कर और उससे सोना खरीदकर उसे युद्ध में डटे रहने में मदद की है.

वहीं, वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ये भी कह रहे हैं कि एक निर्दोष ईसाई व्यक्ति को सूडान में इस्लामिक आतंकवादियों ने जिंदा दफना दिया.

आजतक फैक्ट ने पाया कि ये वीडियो न तो हाल-फिलहाल का है, न ही इसका सूडान से कुछ लेना-देना है. ये अगस्त 2016 का दक्षिण अफ्रीका का वीडियो है जब दो गोरे किसानों ने एक अश्वेत मजदूर को पीटा था और उसे एक ताबूत के अंदर लेटने पर मजबूर किया था.  

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

Advertisement

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें बीबीसी की 25 अगस्त, 2017 की एक रिपोर्ट मिली जिसके मुताबिक ये घटना अगस्त 2016 की है. दरअसल उस वक्त थियो मार्टिंस जैकसन और विलियम ओसथुइजेन नाम के दो गोरे किसानों ने विक्टर म्लोत्श्वा नाम के एक अश्वेत मजदूर को पीटा था और उसे एक ताबूत के अंदर लेटने पर मजबूर किया था. इस घटना को लेकर उस वक्त दक्षिण अफ्रीका में लोगों ने नस्लीय भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए आक्रोश जताया था.

अपने बचाव में आरोपियों ने कहा था कि वो सिर्फ मजदूर विक्टर को सबक सिखाना चाहते थे क्योंकि वो अनाधिकृत तरीके से उनके खेत में घुस गया था. वहीं, विक्टर का कहना था कि वो सिर्फ शॉर्ट कट रास्ता अपना कर कुछ दुकानों की ओर जा रहा था.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार खेतिहर मजदूर विक्टर से बदसलूकी के इस मामले में थियो जैकसन और विलियम को अदालत ने दोषी माना था. पीड़ित विक्टर ने बताया था कि जब वो ताबूत के अंदर था, तो उसने आरोपियों को ये कहते हुए सुना था कि चलो इसमें पेट्रोल डाल कर आग लगा दें. बाद में जब उसे एहसास हुआ था कि वो लोग वहां नहीं हैं, तो वो किसी तरह जान बचाकर भागा था.

Advertisement

इस मामले में थियो को 14 साल की और विलियम को 11 साल की सजा हुई थी.

डॉयचे वेले के अनसार, ये घटना दक्षिण अफ्रीका के अमपूमलांगा प्रांत में हुई थी.

सूडान में 2023 से सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच टकराव चल रहा है. बीबीसी के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक तकरीबन 1.5 लाख से भी ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं. 

---- समाप्त ----
Live TV

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Advertisement