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फैक्ट चेक: क्या कोरोना वायरस को मार सकती हैं अल्ट्रावायलेट किरणें?

क्या सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्ट्रावायलेट किरणें या UV सैनिटाइजर्स कोरोना वायरस को मार सकते हैं. इसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं. इसकी सच्चाई जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
अल्ट्रावायलेट किरणें और सूर्य का प्रकाश कोरोना वायरस को मार सकता है.
फेसबुक यूजर्स
सच्चाई
UVC किरणों का संकेंद्रित रूप Covid-19 को मार सकता है, लेकिन यह मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक है. धूप से कोरोना वायरस नहीं मरता.

दुनिया भर में महामारी का कारण बने कोरोना वायरस की अभी तक कोई दवा नहीं बन सकी है. इस ​बीच इंटरनेट और सोशल मीडिया कोरोना वायरस का इलाज करने के तमाम नुस्खों से भर गया है. कई सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्ट्रावायलेट किरणें (UV rays) या UV सैनिटाइजर्स कोरोना को मार सकते हैं.

दरअसल, कई सोशल मीडिया यूजर्स फेसबुक, व्हाट्सऐप और ट्विटर पर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि इस खतरनाक वायरस से छुटकारा पाने के लिए धूप लें.

कई फेसबुक यूजर्स जैसे “Ray Evans” और “Darli Thiri Aung” ने दावा किया है कि UV किरणें कोरोना वायरस को मार सकती हैं. इन पोस्टों का आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखा जा सकता है.

इसके साथ ही फेसबुक पोस्ट के लिए यहां क्लिक करें.

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य ​शोध संस्थान कहते हैं कि अल्ट्रावायलेट किरणें (UV rays) मानव शरीर के लिए हानिकारक हैं.

यह गलत दावा फेसबुक के साथ ट्विटर पर भी वायरल हो रहा है.

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UV किरणों के बारे में क्या कहता है WHO?

"क्या अल्ट्रावायलेट रोगनाशक लैंप कोरोनो वायरस को मार सकता है?" इस सवाल के जवाब में WHO ने अपनी वेबसाइट पर और साथ ही साथ अपने फेसबुक पेज पर कहा है कि "यूवी लैंप का उपयोग हाथों या त्वचा के अन्य हिस्सों को सैनिटाइज करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यूवी विकिरण त्वचा में जलन पैदा कर सकता है."

इसके फेसबुक पोस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें.

क्या कोरोना वायरस को मार सकती हैं UV किरणें?

बहुत से लोग जानना चाहते थे कि क्या UV किरणें कोरोना वायरस को मारने में सक्षम हैं. इस सवाल का जवाब हमें बीबीसी के एक लेख में मिला. इस लेख का शीर्षक ​है, "क्या आप UV किरणों से कोरोनो वायरस को मार सकते हैं?"

इस लेख के अनुसार, "अल्ट्रावायलेट का सिर्फ एक प्रकार है जो मजबूती से Covid-19 को निष्क्रिय कर सकता है और यह बेहद खतरनाक है". इस लेख में अमेरिकी कंपनी के लिए अल्ट्रावायलेट टेक्नोलॉजी पर काम करने वाले डॉक्टर डैन अर्नाल्ड का कोट लिया गया है जिसमें वे कहते हैं कि इसके इस्तेमाल से "आप दरअसल लोगों को भून रहे होंगे."

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UV किरणों के तीन प्रकार होते हैं, इनमें से तीसरा प्रकार है UVC, जिसमें कोरोना वायरस को खत्म करने की क्षमता है. बीबीसी के लेख के मुताबिक, हालांकि UVC विशेष रूप से Covid-19 को कैसे प्रभावित करता है, इस बारे में अभी कोई शोध नहीं हुआ है, लेकिन "अध्ययनों से पता चला है कि इसका उपयोग अन्य कोरोना वायरस जैसे कि सार्स के इलाज के लिए किया जा सकता है".

इसलिए UVC का एक संकेंद्रित (concentrated) रूप अब Covid-19 के खिलाफ लड़ाई में सबसे अगली कतार में है. लेकिन एक प्रमुख चेतावनी यह है, जैसा कि अर्नाल्ड कहते हैं, “UVC वास्तव में एक खतरनाक चीज है- आपको इसके संपर्क में नहीं आना चाहिए”.

इसी तरह का विचार एक अन्य विशेषज्ञ की तरफ से आया है. “AFP Fact Check ” के एक इंटरव्यू में थाईलैंड के चुलालॉन्गकोर्न विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में वायरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ पोकरथ हांसासुता ने कहा, “यदि निश्चित दूरी से, निश्चित समय तक संकेंद्रित यूवी किरणों का इस्तेमाल किया जाए तो अल्ट्रावायलेट किरणें Covid-19 को मारने में सक्षम हैं. हालांकि, यूपी किरणों का वह स्तर भी मानव शरीर के लिए घातक है.”

क्या धूप से इलाज हो सकता है?

आम तौर पर सूर्य की किरणों को ​कीटाणुनाशक माना जाता है. लेकिन Covid-19 पर सूर्य के प्रभाव के बारे में बीबीसी का उक्त लेख कहता है,

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"कोई नहीं जानता कि Covid-19 को सूर्य के प्रकाश के जरिये निष्क्रिय करने में कितना समय लगता है, या इसकी किस मात्रा में जरूरत होगी".

सूर्य के प्रकाश में UV किरणों की मात्रा दिन, मौसम, सीजन और जहां आप रहते हैं उस भौगोलिक क्षेत्र के समय के आधार पर अलग-अलग होती है - इसलिए "यह कोरोना वायरस को मारने के लिए एक विश्वसनीय तरीका नहीं होगा".

डॉ हांसासुता “AFP Fact Check” ये भी कहते हैं कि प्राकृतिक रूप से सूर्य के प्रकाश में जो यूवी किरणें मौजूद हैं वे कोरोनो वायरस को मारने के लिए सक्षम नहीं हैं.

इस तरह हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि UVC किरणों का संकेंद्रित रूप Covid-19 को मार सकता है, लेकिन WHO या कोई भी शोधकर्ता इसकी सलाह नहीं देता क्योंकि यह मानव शरीर और त्वचा के लिए हानिकारक है.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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