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फैक्ट चेक: फर्जी तस्वीर के जरिये ओबामा पर रिपब्लिकन नेता का निशाना

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह तस्वीर छेड़छाड़ करके तैयार की गई है. असली तस्वीर में बराक ओबामा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से हाथ मिला रहे हैं. दरअसल, रिकॉर्ड के मुताबिक, बराक ओबामा की हसन रूहानी से कभी कोई मुलाकात नहीं हुई.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से हाथ मिलाते हुए बराक ओबामा की तस्वीर.
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य
सच्चाई
वायरल तस्वीर असली तस्वीर से छेड़छाड़ करके तैयार की गई है.

अमेरिकी हवाई हमले में ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद दुनिया भर में इस घटना की चर्चा है. इस हमले का असर अब अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हो रही राजनीति में भी देखने को मिल रहा है. एक तरफ जहां अमेरिका की सरकार ईरान के टॉप लीडर रहे सुलेमानी की हत्या को जायज ठहरा रही है, वहीं विपक्षी डेमो​क्रेट ट्रंप सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं.

क्या है दावा?

अमेरिका कांग्रेस में एरीजोना प्रांत के रिपब्लिकन सदस्य Paul Gosar ने फोटो ट्वीट की जिसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से हाथ मिलाते हुए दिख रहे हैं. इस फोटो के साथ उन्होंने लिखा, “इन लोगों के सत्ता में न रहने पर दुनिया काफी बेहतर है”.

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पॉल के इस ट्वीट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

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क्या है सच्चाई?

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह तस्वीर छेड़छाड़ करके तैयार की गई है. असली तस्वीर में बराक ओबामा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से हाथ मिला रहे हैं. दरअसल, रिकॉर्ड के मुताबिक, बराक ओबामा की हसन रूहानी से कभी कोई मुलाकात नहीं हुई.

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Paul Gosar के ट्वीट को 12000 से ज्यादा बार लाइक किया जा चुका है और करीब 3800 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया है. जब कई ट्विटर यूजर्स ने ध्यान दिलाया कि तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई है तो Gosar ने कुछ और ट्वीट करके अपना बचाव करते हुए कहा कि यह कोई नहीं कह रहा है कि इस फोटो के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है.

AFWA की पड़ताल

रिवर्स सर्च की मदद से हमने पाया कि असली तस्वीर Adobe Stock पर मौजूद है. असली तस्वीर में देखा जा सकता है कि मनमोहन सिंह और बराक ओबामा हाथ मिला रहे हैं. दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात 18 नवंबर, 2011 को आसियान सम्मेलन के दौरान बाली में हुई थी. असली तस्वीर में दो अमेरिकी झंडों के बीच एक भारतीय झंडा मौजूद है, लेकिन वायरल तस्वीर में फोटोशॉप की मदद से भारतीय झंडे की जगह ईरानी झंडा चिपका दिया गया है. ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट भी मौजूद नहीं है जो यह बताती हो कि कभी बराक ओबामा की मुलाकात ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ हुई हो.

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ओबामा और रूहानी की मुलाकात की यह फर्जी तस्वीर इंटरनेट पर 2014 से ही मौजूद है.

निष्कर्ष

ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद वहां की राजनीति में काफी घमासान मचा है, इस बीच अमेरिकी कांग्रेस के रिपब्लिकन सदस्य ने फर्जी तस्वीर के जरिये पूर्व राष्ट्रपति ओबामा पर निशाना साधने का प्रयास किया है.

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