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फैक्ट चेक: प्रियंका गांधी की झाड़ू लगाने के दौरान ली गई फोटो छेड़छाड़ करके हुई वायरल

यूपी के सीतापुर में हाउस अरेस्ट के दौरान झाड़ू लगाने के बाद प्रियंका ने हाल ही में लखनऊ की दलित बस्ती में भी झाड़ू लगा कर अपना विरोध दर्ज किया. इसकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर घूम रहे हैं. इन्हीं में से प्रियंका की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है.

फैक्ट चेक फैक्ट चेक

लखीमपुर खीरी कांड के बाद से कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा यूपी में डटी हुई हैं. यूपी के सीतापुर में हाउस अरेस्ट के दौरान झाड़ू लगाने के बाद प्रियंका ने हाल ही में लखनऊ की दलित बस्ती में भी झाड़ू लगा कर अपना विरोध दर्ज किया.

इसकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर घूम रहे हैं. इन्हीं में से प्रियंका की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. तस्वीर में प्रियंका झाड़ू लगाते दिख रही हैं और एक कैमरामैन जमीन पर लेट कर उनकी तस्वीरें निकाल रहा है. तस्वीर के साथ यूजर्स लिख रहे हैं कि ये महज एक तमाशा है जिसमें कैमरामैन काफी जद्दोजहद करके प्रियंका गांधी की फोटो ले रहा है.

कुछ लोग तंज भी कर रहे हैं कि जमीन पर लेटे फोटोग्राफर के आगे झाड़ू लगाकर प्रियंका पोज दे रही हैं. ट्विटर और फेसबुक पर ये तस्वीर काफी वायरल है.

क्या है सच्चाई?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल तस्वीर फर्जी है. एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से जमीन पर लेटे कैमरामैन को तस्वीर में जोड़ा गया है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने 8 अक्टूबर को लखनऊ के लव कुश नगर स्थित दलित बस्ती में झाड़ू लगाई थी. इस दौरान प्रियंका की ली गईं तस्वीरों से ये साफ हो जाता है कि वायरल तस्वीर को छेड़छाड़ करके बनाया गया है. इसकी मूल तस्वीर में जमीन पर कोई कैमरामैन लेटा नहीं दिख रहा है. एक दूसरी तस्वीर से कैमरामैन वाले हिस्से को उठाकर वायरल तस्वीर में फ्लिप करके जोड़ दिया गया है.

प्रियंका के दलित बस्ती में झाड़ू लगाने के यूट्यूब पर कुछ वीडियोज़ भी मौजूद हैं. प्रियंका के आसपास कई लोगों को मोबाइल फोन और प्रोफेशनल कैमरा से शूट करते जरूर देखा जा सकता है. लेकिन इस तरह से जमीन पर लेट कर प्रियंका की तस्वीरें लेते हमें कोई व्यक्ति नजर नहीं आया. एक वीडियो को खुद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट किया था.

बता दें कि सीतापुर में हाउस अरेस्ट के वक्त प्रियंका के झाड़ू लगाने पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जनता प्रियंका को उसी लायक बनाना चाहती है और बना भी दिया है. इसका विरोध करते हुए प्रियंका ने योगी के इस बयान को जातिवादी और दलित विरोधी बताया था. अपना विरोध दर्ज करने के लिए प्रियंका ने दलित बस्ती के वाल्मीकि आश्रम में झाड़ू लगाई थी.

इसी जैसी एक फर्जी तस्वीर कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री मोदी की भी वायरल हुई थी. पीएम मोदी दिल्ली के सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट का जायजा लेने पहुंचे थे और इसी दौरान ली गईं तस्वीरों में से एक के साथ छेड़छाड़ करके शेयर किया जा रहा था.

मजे की बात यह है कि मोदी की तस्वीर में भी वही कैमरामैन जोड़ा गया था जो प्रियंका गांधी की इस फर्जी तस्वीर में नजर आ रहा है. यहां हमारी जांच में इस बात की पुष्टि हो जाती है कि प्रियंका गांधी की यह तस्वीर फेक है. तस्वीर को असली समझकर लोग प्रियंका गांधी पर कटाक्ष कर रहे हैं.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

तस्वीर में देखा जा सकता है कि कैसे एक कैमरामैन जमीन पर उल्टा लेट कर प्रियंका गांधी वाड्रा की तस्वीरें निकाल रहा है जब वो झाड़ू लगा रही हैं.

निष्कर्ष

तस्वीर फर्जी है. एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से जमीन पर लेटे कैमरामैन को तस्वीर में जोड़ा गया है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
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सोशल मीडिया यूजर्स
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