
योगगुरु रामदेव के एलोपैथी पर दिए गए विवादित बयान के बाद से आयुर्वेद बनाम एलोपैथी की बहस ने तूल पकड़ लिया है. इसको लेकर आजतक के एक डिबेट शो में योगगुरु रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ जयेश लेले की बीच तीखी बहस भी देखने को मिली. डिबेट शो में डॉ लेले रामदेव पर जमकर बरसे. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ. डॉ लेले के गुस्से को कुछ लोगों ने जायज ठहराया. वहीं कुछ को उनका ये बर्ताव सही नहीं लगा.
अब इसी के मद्देनजर ट्विटर पर डॉ लेले का एक कथित ट्वीट जमकर वायरल हो रहा है. इस ट्वीट के मुताबिक, डॉ लेले ने कहा है कि उन्होंने सवाल रामदेव से किये थे लेकिन बुरा सरकार के कुछ मंत्रियों को लग रहा है. "Dr जयेश एम लेले" नाम के अकाउंट से किये गए इस ट्वीट को 13000 से भी ज्यादा बार लाइक किया जा चुका है. डॉ लेले का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट समझकर यूजर्स इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. अभी तक 6000 से भी ज्यादा यूजर्स इस अकाउंट को फॉलो कर चुके हैं. इस ट्विटर प्रोफाइल से किये गए कुछ अन्य ट्वीट्स भी काफी वायरल हैं. खास बात ये कि इस प्रोफाइल से सिर्फ रामदेव नहीं बल्कि बीजेपी नेताओं पर भी निशाना साधा जा रहा है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि डॉ लेले के नाम पर बना ये अकाउंट फर्जी है. ये अकाउंट पहले किसी और नाम से बनाया गया था जिसे बाद में डॉ लेले का नाम और तस्वीर दे दी गई. डॉ लेले ने भी खुद आजतक को बताया कि उनका ट्विटर पर कोई अकाउंट नहीं है.
कैसे पता की सच्चाई?
सबसे पहले हमने इस अकाउंट (Dr_Jayesh_) के कुछ पुराने ट्वीट्स की पड़ताल की. इन्हीं में से हमें एक ट्वीट मिला. जिसे इस अकाउंट से 14 मई 2021 को पोस्ट किया गया था. इस ट्वीट में गौर करने वाली बात ये थी कि कमेंट की टैग वाली जगह पर "Dr_Jayesh_" की जगह "Sandeep_News_24" नाम का हैंडल दिख रहा था.
फर्जी अकाउंट बनाने वाले यूजर्स भ्रम फैलाने के लिए अक्सर ट्विटर हैंडल और नाम बदलते हैं. लेकिन कई बार उनके पुराने ट्वीट्स के रिप्लाई में पुराना हैंडल नजर आ जाता है. इससे ये पता लगाया जा सकता है कि अकाउंट पहले किसी और हैंडल से बनाया गया था जिसे बाद में बदल दिया गया. इस अकाउंट को "pappu_yadav__" नाम के हैंडल पर भी चलाया गया था.

इसके साथ ही, लोगों को और भ्रमित करने के लिए अकाउंट से ये ट्वीट भी किया गया है कि डॉ लेले के कई फेक अकाउंट बनाये गए हैं और इनसे सतर्क रहें. लेकिन असलियत में ये अकाउंट खुद भी नकली है.

हालांकि ये बात सच है कि डॉ लेले के नाम पर बना ये फर्जी अकाउंट अकेला नहीं है. हमें ऐसे और भी कई अकाउंट मिले जिसमें डॉ लेले का नाम और तस्वीर इस्तेमाल की गई है. इन्हीं में से एक अकाउंट के लगभग दस हजार फॉलोवर भी हो चुके हैं. कुछ ट्विटर यूजर्स ने इस अकाउंट को डॉ लेले का असली अकाउंट मानकर उनकी आलोचना भी की है.

👇🏻यह है डॉक्टर जयंत लेले जो कि IMA के पदाधिकारी है और इनकी यह सोच है देश के प्रधानमंत्री के बारे में। आप सोच सकते है की क्यूँ यह आयुर्वेद के और बाबा रामदेव के पीछे पड़े है और इनके IMA के प्रेसिडेंट तो पहले ही कह चुके है की करोना को जीसस की प्रार्थना से ठीक किया जा सकता है👇🏻👇🏻 pic.twitter.com/cZXXAPVYq8
— Rashmi Sharma🇮🇳(Hindu Mossad) (@SharmaRashmi17) May 29, 2021
खोजने पर पता चला कि ये अकाउंट को पहले "NehruQuote" नाम के हैंडल पर बनाया गया था. बाद में भ्रम फैलाने के लिए हैंडल का नाम "DrJayeshLele" कर दिया गया.

बाबा रामदेव से हुई नोकझोंक के बाद से डॉ लेले के नाम पर कई अकाउंट बनाये जा चुके हैं. हालांकि कुछ ट्विटर बायो में पैरोडी अकाउंट होने की बात लिखी है लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो डॉ लेले का असली अकाउंट दिखने की कोशिश कर रहे हैं.

इस बारे में जब हमारी बात डॉ लेले से हुई तो उन्होंने हमें साफ कर दिया कि वे ट्विटर पर नहीं है और उनके नाम पर बने एकाउंट्स फर्जी हैं.