दिवाली की चकाचौंध के बीच कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ये दावा कर रहे हैं कि केंद्र सरकार दिवाली के मौके पर सभी देशवासियों को 5000 रुपये दे रही है. इस योजना का नाम 'मोदी दिवाली गिफ्ट योजना' बताया जा रहा है. ऐसा कहने वाले लोग एक वीडियो शेयर कर रहे हैं जिसकी शुरुआत में एक न्यूज एंकर कहती है, "दिवाली पर देश के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़ा तोहफा देने वाले हैं."
इसके बाद वॉइसओवर सुनाई देता है, "जी हां दोस्तों. इस दिवाली मोदी सरकार बड़ा तोहफा देने जा रही है जिसके तहत सभी देशवासियों को 5000 रुपये फ्री में दिए जाएंगे. आपको भी इसका फायदा लेना है तो कमेंट में 'यस' लिखकर रील को 5 दोस्तों के साथ शेयर कर दो. अब गूगल में 'बजलोन' सर्च करके इस वेबसाइट को खोलें. फिर इस पोस्ट को ओपन करके थोड़ा नीचे आकर अपनी जानकारी और फोनपे नंबर डालकर सब्मिट कर दें. बस कुछ ही देर में आपको पांच हजार रुपये मिल जाएंगे."
काफी सारे लोग वीडियो में कही जा रही बात को सच मान रहे हैं और कमेंट में 'यस' लिख रहे हैं ताकि उन्हें ये पांच हजार रुपये मिल जाएं.
लेकिन असलियत ये है कि केंद्र सरकार 'मोदी दिवाली गिफ्ट योजना' नाम की कोई योजना नहीं चला रही है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
सबसे महत्वपूर्ण बात तो ये है कि अगर सरकार सचमुच दिवाली पर देश के हर नागरिक को 5000 रुपये दे रही होती, तो इसके बारे में सरकारी वेबसाइट्स पर बताया गया होता. इससे संबंधित तमाम खबरें छपतीं. लेकिन हमें ऐसा कुछ नहीं मिला.
2022 की रिपोर्ट को अभी का बताया जा रहा
वायरल वीडियो की शुरुआत में एक एंकर एक खबर बताती दिखती है. रिवर्स सर्च करने पर पता लगा कि दरअसल ये इंडिया टीवी की एंकर ज्योत्सना पाटनी हैं. वायरल वीडियो, अक्टूबर 2022 की इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट से लिया गया है. दरअसल, उस वक्त दीपावली के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एक साथ 75 हजार युवाओं को जॉब सर्टिफिकेट देने वाले थे. इस रिपोर्ट का एक छोटा-सा हिस्सा क्रॉप करके इस्तेमाल किया गया है, जिससे लगे कि ये कोई हाल-फिलहाल की असली खबर है.
वायरल पोस्ट में लोगों से योजना का लाभ उठाने के लिए 'buzloan.com' वेबसाइट पर जाने के लिए कहा गया है. इसमें 'मोदी दिवाली गिफ्ट योजना' के नाम पर लोगों का नाम, उम्र, राज्य, और उनके फोन पे नंबर जैसी निजी जानकारियां मांगी गई हैं. हमने इस वेबसाइट की सच्चाई का पता लगाने के लिए कुछ फर्जी जानकारियां डालकर देखा तो सिर्फ ये पेज रिफ्रेश हो गया. योजना के पैसे दिलाने वाला या इससे संबंधित कोई दूसरा पेज नहीं खुला. जाहिर है, ये बात काफी अजीब है.
इस तरह की वेबसाइट्स पर व्यक्तिगत जानकारियां साझा करना तो दूर की बात है, इनके लिंक पर क्लिक भी नहीं करना चाहिए. अक्सर फर्जीवाड़ा करने वाले ऐसे तरीकों से लोगों का डेटा इकट्ठा करते हैं और फिर उसे महंगे दामों पर बेच देते हैं.
हमने 'डोमेनटूल्स' नामक वेबसाइट की मदद से 'buzloan.com' की जांच की तो पता लगा कि कई लोगों ने इसमें स्पैम, मैलवेयर वगैरह होने की शिकायत की है.
थोड़े समय पहले भी कुछ जालसाज दिवाली ऑफर के नाम पर 99 रुपये में आईफोन बेच रहे थे. उस वक्त भी हमने इसकी सच्चाई बताई थी.