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फैक्ट चेक: केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव नहीं मनाने देने का दावा है गलत

गणेश उत्सव के चलते सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसके जरिए दावा किया गया है कि केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव मनाने से रोका गया.

वायरल तस्वीर वायरल तस्वीर

गणेश उत्सव के चलते सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसके जरिए दावा किया गया है कि केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव मनाने से रोका गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी एक खाली जमीन पर बैठे लोगों को जबरन उठा रहे हैं. जहां लोग बैठे हुए हैं वहां भगवान गणेश की एक मूर्ति और पूजा सामग्री रखी हुई है. वीडियो के आखिर में एक पुलिसकर्मी गणपति की मूर्ति उठाकर ले जाते हुए दिखता है जिसे भीड़ रोकने की कोशिश करती है.

इस वीडियो के साथ यूजर्स कैप्शन में लिख रहे हैं, "गणेशोत्सव में केरल में ये #हालात हो गए है हिन्दुओ के. हिन्दू अपना #त्यौहार भी नही मना सकता है अपने हिन्दुस्तान में". वीडियो इसी कैप्शन के साथ फेसबुक और ट्विटर पर जमकर पोस्ट किया जा रहा है.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है. वीडियो केरल का नहीं बल्कि हैदराबाद का है. 10 सितंबर को हैदराबाद के एक इलाके में जमीन विवाद के चलते पुलिस ने भगवान गणेश की मूर्ति को वहां से हटवा दिया था जिसे लेकर काफी गहमागहमी हुई थी.

कैसे की पड़ताल?

वीडियो में लोग तेलुगू भाषा में बातचीत करते हुए सुनाई दे रहे हैं. इसे ध्यान में रखते हुए हमने वीडियो को कुछ कीवर्ड की मदद से खोजने की कोशिश की. पता चला कि कई यूजर्स ने वीडियो को हाल ही में तेलुगू कैप्शन के साथ फेसबुक और यूट्यूब पर पोस्ट किया था. यहां वीडियो को हैदराबाद का बताया गया था.

इस दौरान हमें एक फेसबुक पोस्ट भी मिली जिसमें वायरल वीडियो सहित घटना से जुड़े और भी कुछ वीडियो मौजूद थे. यह वीडियो 10 सितंबर को एक फेसबुक यूजर ने शेयर किए थे. पोस्ट में तेलुगू में लिखा था कि हैदराबाद के ओल्ड टाउन में पुलिस ने लोगों को भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने से रोक दिया.

पोस्ट में साझा किए गए वीडियो में से एक में किसी कोऑपरेटिव सोसाइटी का बोर्ड दिख रहा है जिस पर रक्षापुरम कॉलोनी लिखा है. खोजने पर पता चला कि यह कॉलोनी हैदराबाद के संतोष नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आती है.

हमने संतोष नगर पुलिस स्टेशन में संपर्क किया. एडिशनल इंस्पेक्टर रवि कुमार ने हमें वीडियो के बारे में बताया कि यह मामला हैदराबाद के रक्षापुरम कॉलोनी का ही है. रवि के अनुसार, जहां पर गणपति की मूर्ति रखी गई थी वो सोसाइटी की जमीन है लेकिन विवादास्पद है. जब सोसाइटी के कुछ लोगों ने इस जमीन पर गणपति की मूर्ति रखनी चाही तो एक दूसरे गुट ने इस पर आपत्ति जताई क्योंकि जमीन कानूनी दायरे में है. इसको लेकर पुलिस में शिकायत की गई और पुलिस ने वहां से मूर्ति हटवा दी. रवि का कहना था कि मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.

इस बारे में हमने हैदराबाद के एक लोकल पत्रकार शेख यूनुस से भी बात की जो 10 सितंबर को घटनास्थल पर मौजूद थे. उन्होंने मामले से जुड़ा एक वीडियो भी अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया था. शेख ने भी पुष्टि की कि वायरल वीडियो हैदराबाद के रक्षापुरम कॉलोनी का ही है. शेख ने अनुसार इलाके के कुछ लोगों का कहना था कि जमीन किसी की निजी संपत्ति है, वहीं कुछ कह रहे थे कि यह सोसाइटी की जमीन है. इसी को लेकर वहां तू-तू मैं-मैं हुई और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

यहां हमारी पड़ताल में स्पष्ट हो जाता है कि सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ गलत जानकारी दी जा रही है. हैदराबाद के वीडियो को केरल का बताया रहा है और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की गई है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे केरल में हिंदुओं को गणेशोत्सव मनाने से रोका जा रहा है.

निष्कर्ष

वीडियो केरल का नहीं बल्कि हैदराबाद का है. 10 सितंबर को हैदराबाद के रक्षापुरम कॉलोनी में जमीन विवाद के चलते पुलिस ने भगवान गणेश की मूर्ति को वहां से हटवा दी थी जिसे लेकर काफी गहमागहमी हुई थी.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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