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फैक्ट चेक: केजरीवाल ने किया कृषि कानूनों का विरोध, वीडियो एडिट करके दिखाया गया समर्थन

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी किसानों के साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर ऐसा लगता है कि केजरीवाल केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए इसके फायदे बता रहे हैं.

वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर

आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी राजनैतिक दल लगातार किसान आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं. दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी किसानों के साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर ऐसा लगता है कि केजरीवाल केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए इसके फायदे बता रहे हैं.

वीडियो में केजरीवाल एक इंटरव्यू में कहते हुए सुनाई दे रहे है, “जमीन नहीं जाएगी, आपका MSP नहीं जाएगा, आपकी मंडी नहीं जाएगी, अब किसान अपनी फसल पूरे देश में कहीं भी बेच सकता है, अब किसान को अच्छे दाम मिलेंगे, वो मंडी के बाहर कहीं भी बेच सकता है. दिलीप जी ये 70 साल के अंदर सबसे बड़ा क्रांतिकारी कदम होगा कृषि क्षेत्र में."

बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए कैप्शन में लिखा है, "तीनो farm bills के लाभ गिनाते हुए ...Sir जी:"

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल वीडियो एडिटेड है. वीडियो के साथ इस तरह से काटछांट की गई है जिससे लगे कि केजरीवाल कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं. असली वीडियो में केजरीवाल कानूनों का विरोध ही कर रहे हैं और कानूनों के फायदे वाली बातें बीजेपी के ही संदर्भ में कह रहे हैं.

संबित पात्रा के ट्वीट को खबर लिखे जाने तक करीब 41 हजार लाइक और 16 हजार रीट्वीट मिल चुके हैं. ट्वीट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है. ये फर्जी वीडियो फेसबुक पर भी वायरल हो रहा है.

क्या है सच्चाई?

खोजने पर हमें पता चला कि वायरल वीडियो अरविंद केजरीवाल के  "Zee Punjab Haryana Himachal" को दिए गए एक इंटरव्यू में से उठाया गया है. ये वीडियो यूट्यूब पर 15 जनवरी को अपलोड किया गया था. वीडियो में 5.56 मिनट पर एक पत्रकार केजरीवाल से सवाल कर रहे हैं कि केंद्र सरकार किसानों की आय डबल करने का दावा कर रही है.

इस सवाल के जवाब में केजरीवाल बोलते हैं, "कैसे? कैसे?... . केंद्र सरकार ने और भारतीय जनता पार्टी ने अपने सारे बड़े-बड़े नेता मैदान में उतारे. इनके सारे बड़े मंत्री, मुख्यमंत्री मैदान में उतरे... लोगों को समझाने के लिए कि ये बिल किसानों के फायदे में हैं. मैंने इन सबके भाषण सुने हैं. उन भाषणों में क्या कहते हैं ये... भाषण में कहते हैं- इस बिल से आपकी जमीन नहीं जाएगी. ये तो फायदा नहीं हुआ. वो तो थी जमीन तो थी. आपका MSP नहीं जाएगा. ये तो फायदा नहीं हुआ. ये तो था ही. आपकी मंडी नहीं जाएगी. ये तो था ही. फायदा क्या हुआ...एक भी इनका नेता फायदा नहीं गिना पा रहा. जब बहुत ज्यादा कुरेदो तो फायदे के नाम पर कहते हैं- अब किसान अपनी फसल पूरे देश में कहीं भी बेच सकता है. यही फायदा गिनाते हैं न ये, अब किसान को अच्छे दाम मिलेंगे, वो मंडी के बाहर कहीं भी बेच सकता है. मैं केंद्र सरकार से पूरी विनम्रता से पूछना चाहता हूं. आज पंजाब में और हरियाणा में मंडी में MSP साढ़े 1800 रुपये क्विंटल है गेंहू की. बिहार में मंडी नहीं है वहां 800 रुपये में किसान बेच रहा है. उस 800 रुपये में जो किसान बेच रहा है उसको ये बता दो कि पूरे देश में वो कहां जाके मंडी के बाहर बेचे कि उसे साढ़े 1800 रुपये से ज्यादा का दाम मिल जाए?”

ऊपर लिखे पैराग्राफ में जो अक्षर बोल्ड में हैं, वायरल वीडियो में सिर्फ उसी हिस्से को दिखाया गया. उसके आगे-पीछे के वाक्यों के साथ काटछांट कर दी गई है.

इसी तरह, असली वीडियो में एक जगह पत्रकार केजरीवाल से पूछ रहे हैं कि किसानों की दिक्कतों का क्या हल है. इस पर केजरीवाल 9.56 मिनट पर जवाब देते हैं, "एक तो ये तीनों किसान बिल वापस हों और दूसरा MSP का वो (किसान) जो मांग रहे है कि MSP की गारंटी का कानून लाया जाए. MSP स्वामीनाथन आयोग के हिसाब से 50% प्रॉफिट के हिसाब से जितनी कॉस्ट है उसका 50% ऐड करके MSP तय की जाए. अगर ये आ गया, दिलीप जी ये 70 साल के अंदर सबसे बड़ा क्रांतिकारी कदम होगा कृषि क्षेत्र में.”

इस वाले बोल्ड हिस्से को वीडियो के आखिर में जोड़ दिया गया है जिससे सुनने में ऐसा लगे कि केजरीवाल केंद्रीय कृषि कानूनों को क्रांतिकारी कदम बता रहे हैं.

यहां साबित हो जाता है कि असली वीडियो में से कुछ हिस्से उठाकर वायरल वीडियो बनाया गया है जिससे भ्रम फैलाया जा सके.  

हालांकि, बीजेपी कई बार केजरीवाल पर निशाना साध चुकी है कि वो उन्हीं कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं जिन्हें दिल्ली गजेट में नोटिफाइड किया जा चुका है. दरअसल पिछले साल दिसंबर में केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कृषि कानूनों का विरोध करते हुए इसकी कॉपी फाड़ दी थी. इस घटना पर बीजेपी ने केजरीवाल पर जमकर हमला बोला था.

इसको लेकर केजरीवाल ने "Zee Punjab Haryana Himachal" के इसी इंटरव्यू में जवाब दिया है. केजरीवाल का कहना था कि कानूनों की कॉपी फाड़कर उन्होंने किसानों के प्रति सिर्फ अपना समर्थन जाहिर किया था. वीडियो में वो बोल रहे हैं कि ये कानून केंद्र सरकार पास करवा चुकी है जो अब संवैधानिक तौर पर दिल्ली सहित पूरे देश में लागू हो चुके हैं और अब कानूनों को कोई खत्म नहीं कर सकता.

फैक्ट चेक

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दावा

वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे अरविंद केजरीवाल केंद्रीय कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए इसके फायदे गिना रहे हैं.

निष्कर्ष

वीडियो के साथ इस तरह से काटछांट की गई है जिससे लगे कि केजरीवाल कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं. असली वीडियो में केजरीवाल कानूनों का विरोध ही कर रहे हैं और बीजेपी इनके जो फायदे गिना रही है, उन पर सवाल उठा रहे हैं.

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