scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: लखनऊ के मॉल में घुसा चीता? नहीं, ये वीडियो AI से बनाया गया है

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि लखनऊ एक मॉल में चीता घुस गया. आजतक की टीम ने इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक चीते ने लखनऊ के एक मॉल में घुसकर आतंक मचाया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो असली नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है.

किसी मॉल में अफरातफरी मचाते चीते का एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो में एक चीते को इधर-उधर भागते, सामान बिखेरते, सीढ़ियों पर छलांग लगाते और लोगों पर हमला करते हुए देखा जा सकता है.

कुछ लोगों की मानें तो ये घटना उत्तर प्रदेश के लखनऊ की है जहां एक मॉल के अंदर चीता घुस गया. वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “लखनऊ के Phoenix Mall मे घुसा चीता.गांव छोड़ो अब शहर मे भी लोग सुरक्षित नहीं है.”

लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो असली नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है.

कैसे पता की सच्चाई?

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ऐसा ही वीडियो इंस्टाग्राम पर मिला जिसमें ‘Higgsfield AI’ का वाटरमार्क दिख रहा है. ‘Higgsfield AI’ एक ऐसा पेलटफॉर्म है जिसके जरिए AI वीडियो बनाए जाते हैं. इससे ऐसा लगता है कि वायरल वीडियो भी AI से बनाया गया है.

इस जानकारी के साथ सर्च करने पर हमें ये ‘aikalaakari’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. यहां इसे 15 अक्टूबर को अपलोड किया गया था. अकाउंट के बायो सेक्शन में 'AI फिल्ममेकर' लिखा है.

Advertisement
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by AI Filmmaker (@aikalaakari)

वीडियो के कैप्शन में ‘Higgsfield AI’ और ‘Sora2’ जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल किया गया है. बता दें कि Sora2, ओपनएआई कंपनी का एक वीडियो जेनरेशन मॉडेल है. इसके जरिए AI जेनरेटेड वीडियो बनाए जा सकते हैं जो दिखने में एकदम असली जैसे लगते हैं.

इस अकाउंट पर AI से बने ढेरों वीडियो को देखा जा सकता है. इसके अलावा यहां वायरल वीडियो से मिलते-जुलते और भी कई वीडियो मौजूद हैं जिन्हें यहां और यहां देखा जा सकता है.

इसके बाद हमने वीडियो के अलग-अलग फ्रेम्स को निकालकर इसे AI डिटेक्टर टूल्स से टेस्ट किया. ‘Hive Moderation’ और ‘Sightengine’, दोनों ही टूल्स ने इस तस्वीर को AI से बना हुआ बताया.

साफ है कि एक AI वीडियो को लखनऊ का असली वीडियो बताकर अफवाह फैलाई जा रही है. बता दें कि बीते महीने लखनऊ के रिहायशी इलाके का बताकर कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं जिसमें तेंदुआ घूमते दिख रहा था.  इससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई थी. हालांकि पुलिस जांच में सामने आया कि तस्वीरें AI से बनाई गईं थीं. इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था.

---- समाप्त ----
Live TV

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Advertisement