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फैक्ट चेक: मेरठ में पीएम मोदी की रैली के बाद भिड़ गए बीजेपी कार्यकर्ता? एक साल पुराना है ये वीडियो

इंडिया टुडे की जांच में सामने आया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो पिछले साल जनवरी का है जब किसान आंदोलन के चलते हरियाणा के करनाल में सीएम खट्टर की सभा से पहले प्रदर्शनकारियों ने हंगामा कर दिया था.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
प्रधानमंत्री मोदी की मेरठ में हुई रैली के बाद बीजेपी कार्यकर्ता 'दिहाड़ी' के लिए आपस में भिड़ गए.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो पिछले साल जनवरी का है जब किसान आंदोलन के चलते हरियाणा के करनाल में सीएम खट्टर की सभा से पहले प्रदर्शनकारियों ने हंगामा कर दिया था.

हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी की यूपी के मेरठ में हुई रैली के बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की मेरठ में हुई रैली के बाद बीजेपी कार्यकर्ता 'दिहाड़ी' (पैसे) के लिए आपस में भिड़ गए.


वीडियो में एक मंच पर कुछ लोग हंगामा और तोड़-फोड़ करते हुए देखे जा सकते हैं. इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, "शुभ संध्या मित्रो #मोदी की #मेरठ_रैली के बाद #भाजपा कार्यकर्ता आज की #दिहाड़ी के लिए आपस में प्यार बांटते हुये...". फेसबुक और ट्विटर पर ये पोस्ट काफी वायरल है. इंडिया टुडे की जांच में सामने आया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो पिछले साल जनवरी का है जब किसान आंदोलन के चलते हरियाणा के करनाल में सीएम खट्टर की सभा से पहले प्रदर्शनकारियों ने हंगामा कर दिया था.कैसे पता की सच्चाई? वीडियो को इन-विड टूल की मदद से खोजने पर हमें 10 जनवरी 2021 की 'हरिभूमि' की एक खबर मिली. इस खबर में वायरल वीडियो मौजूद था. ये उस समय की बात है जब किसान आंदोलन अपने चरम पर था. खबर के मुताबिक, करनाल जिले के कैमला गांव में बीजेपी की तरफ से किसान महापंचायत रैली बुलाई गई थी. रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर किसानों को संबोधित करने वाले थे और किसानों को नए कृषि कानूनों के फायदे बताने वाले थे. लेकिन खट्टर के संबोधन से पहले ही किसानों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया और मंच पर उत्पात मचा दिया. हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था. बवाल के बाद सीएम खट्टर की सभा रद्द हो गई थी. इस मामले को लेकर "टीवी9 भारतवर्ष" ने भी यूट्यूब पर एक वीडियो रिपोर्ट शेयर की थी.

इस तरह हमारी पड़ताल में साबित हो जाता है कि लगभग एक साल पुराने हरियाणा के वीडियो को पीएम मोदी की मेरठ रैली का बताकर शेयर किया जा रहा है.

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