दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना ने 23 सितंबर को पदभार संभाला. इस दौरान उनकी एक तस्वीर काफी वायरल हुई. सीएम ऑफिस की इस फोटो में आतिशी एक खाली कुर्सी के बगल में बैठी हैं. ऐसा करते हुए उन्होंने बताया कि जैसे भगवान राम के वनवास जाने पर भरत ने खड़ाऊं रखकर अयोध्या का सिंहासन संभाला था, ठीक उसी तरह उन्होंने दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के लिए एक कुर्सी खाली छोड़ी है. वो इंतेजार करेंगी कि आगामी विधानसभा चुनाव में दिल्ली के लोग केजरीवाल को एक बार फिर सीएम चुनकर इस कुर्सी पर बिठायेंगे.
लेकिन, क्या खुद को भरत और केजरीवाल को राम बताने वाली आतिशी ने एक भाषण के दौरान ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए माफी मांगी थी? सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कई लोग ऐसा कुछ ऐसा ही दावा कर रहे हैं. वीडियो में आतिशी के भाषण के दौरान मुस्लिम टोपी पहने कुछ लोगों को आपत्ति जताते देखा जा सकता है. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स की मानें तो एक कार्यक्रम में आतिशी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ की थी, जिससे वहां मौजूद मुसलमान नाराज हो गए और फिर आतिशी ने उनसे माफी मांगी.
फेसबुक पर ये वीडियो शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “दिल्ली की आम आदमी पार्टी की मंत्री आतिशी मार्लेना जब श्री राम कॉलोनी में गई तब उन्होंने अपना भाषण जैसे ही जय श्री राम बोलकर शुरू किया तो तुरंत वहां बेठे मुसलमानों की भीड़ उठी हंगामा किया कि आपने जय श्री राम क्यों बोला? फिर क्या, आतिशी मार्लेना ने तुरंत माफी मांग ली.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वायरल क्लिप की असल कहानी कुछ और ही है. दरअसल, ये वीडियो मार्च 2024 का है, जब आतिशी दिल्ली की श्रीराम कॉलोनी में सर्वोदय कन्या स्कूल का उद्घाटन करने पहुंची थीं. लेकिन, भाषण के दौरान उन्होंने श्रीराम कॉलोनी की जगह खजूरी-खास इलाके का नाम ले लिया, जिससे नाराज लोग आपत्ति जताने लगे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
हमें 10 अप्रैल 2024 के एक ट्वीट में वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मिला. इसमें मुसलमानों के साथ-साथ कार्यक्रम में मौजूद और भी कई लोग अपनी सीट से उठकर नाराजगी जाहिर करते दिख रहे हैं. ये लोग कहते हैं, “श्रीराम कॉलोनी बोलो. ये श्रीराम कॉलोनी का स्कूल है. खजूरी-खास, खजूरी-खास बोल रहे.”
वीडियो में आगे आतिशी लोगों से बैठने की अपील करते हुए कहती हैं, “मैं माफी मांगना चाहूंगी श्रीराम कॉलोनी निवासियों से. श्रीराम कॉलोनी का स्कूल, जहां पे श्रीराम कॉलोनी के भी बच्चे पढ़ेंगे, खजूरी-खास के भी बच्चे पढ़ेंगे, करावल नगर के भी बच्चे पढ़ेंगे, और सोनिया विहार के भी बच्चे पढ़ेंगे.” ये सुनते ही विरोध करने वाले लोग तालियां बजाने लगते हैं और शांत हो जाते हैं. इतना तो यहीं साफ हो जाता है कि मामला कॉलोनी के नाम को लेकर हुए विवाद का था.
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक आतिशी बतौर शिक्षा मंत्री 9 मार्च 2024 को श्रीराम कॉलोनी में सर्वोदय कन्या बाल विद्यालय का उद्घाटन करने पहुंची थीं. इस स्कूल में 112 कमरे, स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, और लैब हैं. उस वक्त आम आदमी पार्टी ने स्कूल के उद्घाटन को लेकर प्रेस रिलीज जारी की थी, और आतिशी ने भी फेसबुक पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें शेयर की थीं.
हमें इस पूरे कार्यक्रम का वीडियो दिल्ली सरकार के डायरेक्ट्रेट ऑफ एजुकेशन के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला. इसमें 32:12 के मार्क पर आतिशी ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’, और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों के साथ अपने भाषण की शुरुआत करती हैं. उन्हें कहीं भी ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते नहीं देखा जा सकता है. वहीं, 41:15 के मार्क पर विरोध कर रहे लोगों की आवाजों के बीच आतिशी कहती हैं, “क्या हो गया भाई साहब, बैठ जाइए.”
इसके बाद एक शख्स स्टेज पर आकर आतिशी को एक नोट देता है, और कहता है, “ये स्कूल श्रीराम कॉलोनी का है, खजूरी-खास की जगह श्रीराम कॉलोनी बोल दीजिए.” इसके बाद आतिशी श्रीराम कॉलोनी के लोगों से माफी मांगते हुए अपनी गलती सुधारती हैं और लोग तालियां बजाने लगते हैं.
साफ है, आतिशी के भाषण में श्रीराम कॉलोनी का नाम न लिए जाने का विरोध करते लोगों के वीडियो को एक झूठी कहानी के साथ शेयर किया जा रहा है.