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फैक्ट चेक: नहीं, नसीरुद्दीन शाह ने कभी नहीं कहा, 'भारत एक घटिया देश है'

Nasiruddin Shah Controversial Statement इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि नसीरुद्दीन शाह को लेकर दैनिक भारत और अन्य की ओर से जो दावे किए गए वो मनगढ़ंत हैं. कारवां-ए-मुहब्बत इंडिया यूट्यूब चैनल को दिए एक इंटरव्यू में शाह ने देश के साम्प्रदायिक माहौल को लेकर बात की.

Nasiruddin Shah (फोटो- इंडिया टुडे आर्काइव) Nasiruddin Shah (फोटो- इंडिया टुडे आर्काइव)

सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने असहिष्णुता की बहस को अपने बयान से एक बार फिर सुर्खियों में ला दी है. शाह ने इस बयान में कहा है कि समाज साम्प्रदायिक आधार पर इतना बंट गया है कि उन्हें अपने बच्चों को लेकर डर लगता है. हालांकि कई लोग उनके बयान की प्रमाणिकता को लेकर बहस कर रहे हैं. वहीं कई लोगों का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है जिससे उनकी छवि को धूमिल किया जा सके. लोग नसीरुद्दीन शाह के हवाले से ऐसे ऐसे बयानों का ज़िक्र कर रहे हैं जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं. दावों के मुताबिक नसीरुद्दीन शाह ने ये भी कहा कि "भारत एक घटिया देश है, रहने लायक नहीं है." 

DBN न्यूज के एक स्क्रीनशॉट को सोशल मीडिया पर कई लोगों की ओर से शेयर किया जा रहा है. इसमें शाह के नाम से इस बयान का दावा किया गया है "भारत रहने लायक देश नहीं है, मैं अपने बच्चों को लेकर चिंतित हूं, भारत एक घटिया देश है." दैनिक भारत (DBN) ने 20 दिसंबर को यह लेख अपनी वेबसाइट पर प्रसारित किया था जिसने खुद भी वैसी हेडलाइन का इस्तेमाल किया है जैसे कि वायरल स्क्रीनशॉट के जरिए शेयर की जा रही है. ऐसे ही संदेश अलग-अलग फेसबुक प्रोफाइल्स से फैलाए जा रहे हैं. इनमें से कुछ में दावा किया गया है कि शाह ने ऐसा भी कहा है कि भारत एक ख़तरनाक देश है.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि दैनिक भारत और अन्य की ओर से शाह का नाम लेकर जो दावे किए गए वो मनगढ़ंत हैं. 'कारवां-ए-मुहब्बत इंडिया' यूट्यूब चैनल को दिए एक इंटरव्यू में शाह ने देश के साम्प्रदायिक माहौल को लेकर बात की. असल इंटरव्यू यहां देखा जा सकता है.

 

इंटरव्यू में शाह को कहते देखा जा सकता है, 'हम पहले ही देख चुके हैं कि आज के भारत में एक गाय की मौत पुलिस इंस्पेक्टर की तुलना में ज्यादा मायने रखती है. मैं अपने बच्चों के लिए चिंतित हूं कि उनका कोई धर्म नहीं है. मुझे बच्चे के नाते धार्मिक शिक्षा मिली थी. रत्ना (शाह की पत्नी) भी उदार परिवार से है. हमने अपने बच्चों को धार्मिक शिक्षा नहीं देने का फैसला किया. मैं अपने बच्चों के लिए चिंतित हूं क्योंकि उनको कल भीड़ घेर कर सवाल करेगी, ‘तुम हिन्दू हो या मुसलमान?’…उनके पास कोई जवाब नहीं होगा. ये मामला मुझे डराता नहीं है बल्कि गुस्सा दिलाता है."

वीडियो में कहीं भी शाह ने भारत के खिलाफ कुछ नहीं बोला. उन्होंने भारत के लिए कभी ‘घटिया’ या ‘खतरनाक’ शब्दों का भी इस्तेमाल नहीं किया.

(अमित अरोड़ा के इनपुट्स के साथ)

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