बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक हैरान कर देने वाला वीडियो हो रहा है. इसमें वो बीजेपी का फुल फॉर्म ‘बड़का झुट्ठा पार्टी’ बता रहे हैं. कई लोग इस बात से हैरान हैं क्योंकि बिहार में बीजेपी और नीतीश कुमार की पार्टी के गठबंधन की सरकार है.
दरअसल हाल ही में बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी पर निशाना साधते हुए उसका मतलब बताया था. अब बचौल के इसी बयान से जोड़ते हुए नीतीश कुमार के वीडियो को शेयर किया जा रहा है.
ये वीडियो किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस का लग रहा है. इसमें नीतीश कहते हैं, “सचमुच हमने देखा है होर्डिंग लगा हुआ कहीं, बीजेपी का मतलब है, बी से बड़का, जे से झुट्ठा और पी से पार्टी. यानी, बीजेपी का मतलब बड़का झुट्ठा पार्टी.”
मढ़ौरा, बिहार के आरजेडी विधायक जितेंद्र कुमार राय ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “BJP के सहयोग से सरकार चला रहे माननीय मुख्यमंत्री BJP का मतलब बता रहें.”
इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि ये वीडियो सात साल पुराना यानी अगस्त 2015 का है. उस वक्त बीजेपी और जेडीयू के बीच कोई गठबंधन नहीं था. वो आरजेडी के साथ महागठबंधन का हिस्सा थे ओर बिहार के सीएम थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो में लगे लोगो को रिवर्स सर्च करने पर हमें पता लगा कि ये ‘tennews.in’ नाम के एक न्यूज पोर्टल का लोगो है.

‘टेन न्यूज’ ने 19 अक्टूबर, 2020 को ये वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था, ‘बिहार चुनाव से पहले नीतीश कुमार का बीजेपी को बड़का झुट्ठा पार्टी बताने वाला वीडियो वायरल’.
इसके बाद हमने ‘नीतीश कुमार’ और ‘बड़का झुट्ठा पार्टी’ जैसे कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया तो हमें ‘एनडीटीवी’ की 10 अगस्त, 2015 की मिली.
रिपोर्ट के मुताबिक, उस वक्त बिहार के गया में हुई एक रैली में पीएम मोदी ने जेडीयू का मतलब बताया था- 'जनता का दमन और उत्पीड़न'. इस रैली के बाद नीतीश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पीएम मोदी के बयानों को लेकर अपना पक्ष रखा था और बीजेपी को 'बड़का झुट्ठा पार्टी' बताया था.
नीतीश कुमार का 2015 का ये बयान 'एएनआई' के इस वीडियो में 2 मिनट 30 सेकंड पर सुना जा सकता है.
जेडीयू और बीजेपी का गठबंधन
साल 2013 में जेडीयू ने बीजेपी के साथ अपना 17 साल पुराना गठबंधन था. जेडीयू ने इसकी वजह बीजेपी के साथ वैचारिक मतभेद बताई थी.
2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस के महागठबंधन की जीत हुई तो नीतीश कुमार सीएम बने. लेकिन 2017 में आपसी अनबन के चलते महागठबंधन टूट गया. नीतीश ने सीएम पद से इस्तीफा दिया और फिर बीजेपी के समर्थन से वो दोबारा सीएम बने.
इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनावों और 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में भी दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन हुआ था.
इधर पिछले कुछ समय से दोनों पार्टियों के बीच फिर से आई हैं.
पड़ताल से ये बात साफ हो जाती है कि नीतीश कुमार के एक पुराने बयान को अभी का बताते हुए उन पर तंज कसा जा रहा है.
( यश मित्तल के इनपुट के साथ )