बेरहमी से एक आदमी के तलवों पर डंडे मार रहे पुलिसकर्मी का एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वायरल है. मार खा रहा ये शख्स बीच सड़क पर पैर फैलाए बैठा नजर आ रहा है. वहीं, एक दूसरा पुलिसकर्मी इस शख्स के घुटनों पर पैर रख कर खड़ा हुआ दिखाई देता है, ताकि मार खाते वक्त ये आदमी हिल न पाये. हैरान कर देने वाली बात ये भी है कि इस दौरान सड़क पर और भी कई पुलिसकर्मी और आम लोग खड़े नजर आ रहे हैं.
कुछ लोग पुलिस की बर्बरता के इस वीडियो को बिहार का बता रहे हैं. फेसबुक पर इसे शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “बिहार में रिश्वत न देने की सजा”.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये घटना बिहार नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की है. एक पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप में इस शख्स की पुलिस वालों ने पिटाई की थी.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इसके बारे में छपी एक न्यूज रिपोर्ट मिली. 27 मई, 2025 की इस खबर में बताया गया है कि ये घटना आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के तेनाली इलाके की है. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस कांस्टेबल चिरंजीवी पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने तीन आदमियों को सरेआम डंडों से पीटा था.
खबरों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में ये घटना 25 अप्रैल को हुई थी, लेकिन इसका वीडियो 26 मई को सामने आया. पुलिस से मार खाने वाले इन लोगों के नाम जॉन विक्टर, शेख बाबूलाल उर्फ करीमुल्ला, और डोमा राकेश है. इन लोगों पर कांस्टेबल कन्ना चिरंजीवी पर महीने भर पहले गांजे के नशे में हमला करने का आरोप लगा है.
हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि कांस्टेबल ने उनसे रिश्वत मांगी थी, जो देने से उन्होंने इंकार कर दिया था. इसी वजह से पुलिस ने गुस्से में उनपर झूठे आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की.
27 मई को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इन पुलिसवालों की निंदा करते हुए इस घटना का पूरा वीडियो शेयर किया था. इसमें वायरल वीडियो वाले शख्स के साथ-साथ दो और लोगों को पिटते हुए देखा जा सकता है.
साफ है, आंध्र प्रदेश में पुलिस बर्बरता के वीडियो को बिहार का बताते हुए शेयर किया जा रहा है.