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फैक्ट चेक: पराली में छिपे शख्स को जलाकर मारने की धमकी देते लोन रिकवरी एजेंट का ये वीडियो स्क्रिप्टेड है

सोशल मीडिया पर बिहार से जुड़ा एक दावा वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया कि लोन रिकवरी एजेंट से बचने के लिए एक व्यक्ति पराली में छिप गया और एजेंट ने आग लगाने की धमकी दी. आजतक फैक्ट चेक ने इस वीडियो की पड़ताल की और सच्चाई का पता लगाया.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
बिहार में एक व्यक्ति लोन रिकवरी एजेंट से बचने के लिए धान की पराली में छिप गया. इसके बाद एजेंट ने लाइटर निकालकर पराली में आग लगाने की धमकी दे डाली.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये कोई असली घटना नहीं है. ये एक स्क्रिप्टेड वीडियो है यानि इसमें दिख रहे लोग एक्टिंग कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट खूब वायरल है जिसके जरिए किसी गांव में हुई लोन रिकवरी की एक हैरान कर देने वाली कहानी खूब शेयर की जा रही है. वायरल पोस्ट में कुछ तस्वीरों के जरिए कहा जा रहा है कि बिहार में एक व्यक्ति लोन वसूलने के लिए आए एजेंट से बचने के लिए धान की पराली में छिप गया. इसके बाद एजेंट ने पराली में आग लगाने की धमकी तक दे डाली.

तस्वीरों में पराली में छिपा एक आदमी नजर आ रहा है. इसके अलावा इसमें एक और शख्स को भी देखा जा सकता है जिसे लोग  रिकवरी एजेंट बता रहे हैं.

इसे बिहार का मामला बताकर एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “बिहार में एक आदमी समूह लोन का पैसा नहीं होने पर, रिकवरी एजेंट से बचने के लिए धान के पुआल में छिप जाता हैं! रिकवरी एजेंट लाइटर निकाल कर बोलता हैं कि दस गिनने से पहले नहीं निकले तो आग लगा दूंगा! बेचारा डर के मारे 6 से 7 गिनते ही बाहर आ जाता हैं , जिसकी Video खूब वायरल हो रही हैं.”

पोस्ट में आगे लिखा है कि गांवो के ज्यादातर लोग ऐसी स्मॉल फाइनेंसिंग कंपनियों के जाल में फंस चुके हैं. लोन के पैसे वसूलने वाले एजेंट्स लोगों के घरों में जाकर गाली-गलौज करते हैं, धमकियां देते हैं. लोग कई-कई सालों से लोन के इस जंजाल में फंसे हैं. ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये तस्वीरें एक स्क्रिप्टेड वीडियो से ली गई हैं. वीडियो में दिख रहे लोग एक्टिंग कर रहे हैं.

कैसे पता की सच्चाई?

पोस्ट की तस्वीरों को रिवर्स सर्च करने पर हमें मंजीत झा नाम के फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो मिला. यहां इसे 25 दिसंबर, 2025 को पोस्ट किया गया था. वीडियो के साथ ‘कॉमेडी’, ‘वायरल’ और ‘फनी’ जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल किया गया है. सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरें इसी वीडियो से ली गई हैं. वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये असली नहीं है. क्रियेटर ने लाफिंग (हंसी वाला) मीम के साथ ये वीडियो 22 जनवरी को फिर से शेयर किया था.

इस फेसबुक पेज के इंट्रो सेक्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक वो बिहार के अररिया से हैं और एक वीडियो क्रिएटर हैं. हमें उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी मिला. उनके अकाउंट पर ढेरों हंसी-मजाक वाले स्क्रिप्टेड वीडियो मौजूद हैं.

वायरल वीडियो में दिख रहे दोनों लोगों को कई दूसरे वीडियो में भी देखा जा सकता है. इसके अलावा एक वीडियो में शूटिंग की कहानी बताते हुए क्रिएटर ने उनके साथ काम करने वाले एक शख्स (वो वायरल वीडियो में भी हैं) के बारे में बताया कि वो उसके चाचा हैं और कस्टमर का रोल निभाते हैं.

साफ है कि वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो असली नहीं है. हालांकि बिहार में लोन रिकवरी के दबाव में आत्महत्या के कई मामले अक्सर देखे गए हैं. एनडीटीवी की दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रो-फाइनेंस कंपनियों से लोन लेने के मामले में बिहार टॉप पर है. रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार में 2 करोड़ 2 लाख से अधिक लोन एकाउंट हैं जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है.

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