सफलता सिर्फ जज्बा और हौसला देखती है. जो इनमें आगे रहता है, वह दूसरों के लिए उदाहरण बन जाता है. साल 2015 में ऐसी ही मिसाल पेश की कुछ लोगों ने और हम सभी को बताया कि जीत उम्र या किसी और चीज की मोहताज नहीं होती.
अपने दम पर मुकाम हासिल करने वालों के बारे में जानें यहां :
चैंपियन ऑफ चेंज चुनी गई 15 वर्षीय श्वेता प्रभाकरण, व्हाइट हाउस ने किया सम्मानित
भारतवंशी अमेरिकी 15 वर्षीय श्वेता प्रभाकरण को व्हाइट हाउस में प्रतिष्ठित ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ पुरस्कार दिया गया. श्वेता गैर सरकारी संगठन ‘Everybody Code Now’ की संस्थापक हैं जो अगली पीढ़ी के युवाओं को इंजीनियर, वैज्ञानिक एवं उद्यमी बनने के लिए सशक्त करने काम करता है.
19 साल की उम्र में पास किया सीए का एग्जाम
निश्चल नारायणम ने 19 साल की उम्र में सीए का एग्जाम क्लियर करके सबको चौंका दिया था. वह चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा पास करने वाला देश के सबसे कम उम्र के उम्मीदवार हैं. हालांकि निश्चल को फिलहाल इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने एनरोल नही किया है. नियमों के मुताबिक 21 साल की उम्र से पहले आईसीएआई किसी उम्मीदवार को एनरोल नहीं करता है.
लखनऊ यूनिवर्सिटी की 15 साल की सुषमा करेंगी पीएचडी
देश की सबसे कम उम्र की पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट और लखनऊ की रहनेवाली सुषमा वर्मा ने भीम राव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (बीबीएयू), लखनऊ से एंवायरमेंटल माइक्रोबायोलॉजी में पीएचडी में दाखिला एक नई मिसाल पेश की.
शारीरिक रूप से विकलांग इरा सिंघल UPSC की जनरल कैटगरी में टॉप करने वाली देश की पहली प्रतिभागी बनीं.
दिल्ली की रहने वाली इरा सिंघल UPSC सिविल सर्विस एग्जाम 2014 की टॉपर इरा सिंघल की कहानी से हर कोई प्रेरणा ले सकता है. शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद वह UPSC की जनरल कैटगरी में टॉप करने वाली देश की पहली प्रतिभागी हैं. इरा ने 2010 में सिविल सर्विस एग्जाम दिया था और तब उन्हें 815वीं रैंक मिली थी. शारीरिक रूप से विकलांग होने की वजह से उन्हें पोस्टिंग नहीं दी गई थी.
देश की पहली नेत्रहीन IFS ऑफिसर बनीं जेफाइन
तमिलनाडु की 25 वर्षीय एनएल बेनो जेफाइन देश की पहली ऐसी इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) ऑफिसर बनने जा रही हैं, जो पूरी तरह नेत्रहीन हैं. जेफाइन ने मद्रास यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्टग्रेजुएट किया है. जेफाइन ने पढ़ाई के लिए ब्रेल लिपि की जगह जॉब एक्सेस विद स्पीच नाम के सॉफ्टवेयर की मदद ली. इस सॉफ्टवेयर की मदद से दृष्टिबाधित लोग कंप्यूटर स्क्रीन पढ़ सकते हैं.
IIT पटना के आशुतोष को गूगल से मिला एक करोड़ 80 लाख का पैकेज
आईआईटी, पटना के छात्र आशुतोष को अग्रवाल गूगल की तरफ से एक करोड़ 80 लाख के सालाना पैकेज का ऑफर मिला. आशुतोष कंप्यूटर साइंस के फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं. उन्हें यह ऑफर ऑफ कैंपस मिला है. आशुतोष इससे पहले गूगल से इंटर्नशिप कर चुके थे.

96 साल की उम्र में एमए में लिया दाखिला
मूल रूप से बरेली, उत्तर प्रदेश के निवासी राजकुमार वैश्य उम्र के 96वें पड़ाव पर जब एमए की पढ़ाई करने में रुचि दिखाई तो उनके पुत्र ने नालंदा ओपन विश्वविद्यालय से संपर्क किया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी नामांकन लेने की इच्छा जताई और एडमिशन दिया.
मानद उपाधि से सम्मानित हुए शाहरुख खान
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया. शाहरुख खान को यह सम्मान विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया. यह सम्मान शाहरुख को परोपकार और मानवता के क्षेत्र में दिए गए उनके योगदान और अभिनेता के रूप में उनकी वैश्विक पहुंच को देखते हुए दिया गया है.
भारतीय मूल की टीचर को मिला ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी से अवॉर्ड.
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भारतीय मूल की एक टीचर को सम्मानित किया था. पूर्वोत्तर लंदन के ओक्स पार्क हाईस्कूल में साइंस की प्रमुख गुरनिमरत ‘निम्मी’ सिदधू ‘यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड इंस्परेशनल टीचर अवॉर्ड’ जीतने वाली 12 टीचर्स में से एक थीं.
मुकेश अंबानी मानद उपाधि से सम्मानित
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी को प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी), मुंबई द्वारा डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की गई.
सीए फाइनल एग्जाम में ऑल इंडिया टॉपर बने राहुल अग्रवाल
राहुल ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) फाइनल एग्जाम में ऑल इंडिया में पहली रैंक हासिल की थी. राहुल के 75.5 फीसदी अंक आए थे. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय बहन रुही अग्रवाल को दिया था. रुही ने भी सीए फाइनल परीक्षा में टॉप किया था.
रसायन के क्षेत्र में इन वैज्ञानिकों को मिला नोबेल पुरस्कार
स्वीडन के टामस लिंडल, अमेरिका के पॉल मोड्रिच और अमेरिकी तुर्की वैज्ञानिक अजीज संजार को डीएनए के संबंध में महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए रसायन विज्ञान के नोबल पुरस्कार से नवाजा गया था.
फिजिक्स के क्षेत्र में इन वैज्ञानिकों को मिला नोबेल
भौतिकी क्षेत्र में दो वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से 2015 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया . जापान के ताकाकी कजीता और कनाडा के आर्थर बी.मैकडॉनल्ड को ये नोबेल संयुक्त रूप से दिया गया.

पांचवी पास चपरासी की बेटी ने किया कमाल, पहली बार में पास की जज की परीक्षा
नागपुर कोर्ट में चपरासी गुलाम पठान की बेटी अमरीन कासिम ने उसी कोर्ट में बतौर जज पदभार संभालकर सफलता की एक मिसाल कायम कर दिया. अमरीन ने अप्रैल में मजिस्ट्रेट पद के लिए आयोजित हुई प्रतियोगी परीक्षा में आवदेन किया था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत से पहली बार में ही पास कर लिया.