उत्तर प्रदेश की 16वीं विधानसभा के चुनाव के छठे चरण के लिये प्रचार का शोर रविवार शाम पांच बजे थम गया. निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक छठे चरण के चुनाव में प्रदेश के सहारनपुर, प्रबुद्धनगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, पंचशील नगर, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा तथा आगरा समेत 13 जिलों की कुल 68 विधानसभा सीटों के लिये आगामी 28 फरवरी को मतदान होगा.
उन्होंने बताया कि छठे चरण में 95 लाख 19 हजार महिलाओं समेत दो करोड़ 14 लाख से ज्यादा मतदाता कुल 1103 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कर सकेंगे. मतदान के लिये 22137 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं जिन पर 30028 इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) बैलेटिंग इकाइयां इस्तेमाल की जाएंगी.
सूत्रों ने बताया कि मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा भयमुक्त ढंग से सम्पन्न कराने के लिये पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय अर्धसैनिक बल तथा पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है.
उन्होंने बताया कि आयोग ने सम्बन्धित जिलों के प्रशासन से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रचार कार्य समाप्त होने के बाद वे राजनेता, कार्यकर्ता तथा प्रचारक जो विधानसभा क्षेत्र से बाहर के हैं और जो निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, इलाके से बाहर चले जाएं.
छठे चरण में खासतौर पर किसान आधारित राजनीति वाला इलाका माने जाने वाले भू-भाग के चुनावी रण में कांग्रेस, भाजपा, सपा तथा बसपा ने प्रचार की मुहिम में अपनी पूरी ताकत झोंक दी.
कांग्रेस के लिये प्रमुख रूप से पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, दल के महासचिव राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह, केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, बेनी प्रसाद वर्मा तथा श्रीप्रकाश जायसवाल ने प्रचार किया.
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने भी अपनी सहयोगी कांग्रेस के साथ मिलकर जोरदार तरीके से प्रचार किया.
भाजपा के लिये मुख्य रूप से इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, पार्टी उपाध्यक्ष कलराज मिश्र, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह तथा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने तूफानी दौरे किये.
सत्तारूढ़ बसपा के लिये पार्टी अध्यक्ष तथा राज्य की मुख्यमंत्री मायावती, उनके करीबी सहयोगी सतीश चन्द्र मिश्र तथा नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मुख्य रूप से प्रचार किया.
विधानसभा चुनाव के छठे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभाव रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के गढ़ कहे जाने वाले इलाके में चुनाव होंगे जिसमें रालोद के ‘युवराज’ जयंत चौधरी, प्रदेश सरकार के प्रभावशाली मंत्री रामवीर उपाध्याय तथा जयवीर सिंह, राज्य विधानमंडल में भाजपा के उपनेता हुकुम सिंह तथा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह समेत कई प्रमुख सियासी हस्तियों की चुनावी किस्मत का फैसला होगा.
सपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले ‘मुस्लिम चेहरे’ राशिद मसूद की चुनावी परीक्षा भी छठे चरण के चुनाव में होगी. उनके भतीजे इमरान मसूद सहारनपुर की नकुड सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
सपा और दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी की जुगलबंदी जनता को कितनी रास आ रही है इसका अंदाजा सहारनपुर की बेहट सीट के रुझान से लगेगा जहां से बुखारी के दामाद उमर अली सपा के टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं.
चर्चित विधायक हाजी याकूब कुरैशी इस बार रालोद के टिकट पर मेरठ की सरधना सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके चुनाव क्षेत्र में भी छठे चरण में मतदान होगा.