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पंचायत आज तक में बोले रविशंकर प्रसाद, 'दिग्विजय नहीं चाहते थे कि राहुल बनें पीएम कैंडिडेट'

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप  लगाया है कि दिग्विजय सिंह नहीं चाहते थे कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार बनें. हालांकि दिग्विजय सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया है. 'पंचायत आज तक' के पहले सेशन में बहस के दौरान दिग्विजय सिंह और रविशंकर प्रसाद के बीच गरमागरम बहस हुई.

दिग्विजय सिंह, रविशंकर प्रसाद दिग्विजय सिंह, रविशंकर प्रसाद

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह नहीं चाहते थे कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार बनें. हालांकि राहुल गांधी के राजनीतिक गुरु माने जाने वाले दिग्विजय सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया है. 'पंचायत आज तक' के पहले सेशन में बहस के दौरान दिग्विजय सिंह और रविशंकर प्रसाद के बीच गरमागरम बहस हुई. इस सेशन का मुद्दा था किसका होगा राजतिलक?

रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'मैं दिग्विजय सिंह को धन्यवाद दूंगा कि राहुल गांधी पीएम के उम्मीदवार न बनें, ये बात सिर्फ उन्होंने कही, बाकी तो राग दरबारी चल रहा है. राहुल गांधी कुलियों के बीच जा रहे हैं, इसमें हमें क्या आपत्ति हो सकती है. अच्छा है, होने दीजिए.'

इस सवाल पर कि क्या पीएम कैंडिडेट की आमने सामने बहस होनी चाहिए, प्रसाद ने कहा, 'बिल्कुल होनी चाहिए. 2009 में आडवाणी जी ने इसका प्रस्ताव रखा था. अब कांग्रेस के एक बड़े गुणी मंत्री हैं. बोले, मैं मोदी से बहस करूंगा. मैंने कहा आप पहले प्रसाद से बहस कर लीजिए.' इसके बाद दिग्विजय ने कहा, 'राजनीति में बहस जरूरी है. आज तक के मंच पर ये हम क्या कर रहे हैं. बहस ही कर रहे हैं. राहुल गांधी इंटरव्यू देंगे और देते रहेंगे.'

रेल बजट के दौरान यूपीए के मंत्रियों और सांसदों के उत्‍पात के बारे में पूछे गए सवाल पर दिग्विजय ने कहा, 'ऐसे नेताओं पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. इनके खिलाफ भी नियमों का इस्तेमाल होना चाहिए. लेकिन संसद में जरूरी बिलों पर चर्चा होनी ही चाहिए. आज सड़क पर चलते आदमी से पूछें कि संसद में क्या हो रहा है. वह कहेगा कुछ नहीं हो रहा.'

सांप्रदायिकता के मुद्दे पर दिग्विजय ने कहा, 'इस देश में चाहे जिस धर्म की कट्टरपंथी विचारधारा हो, हमने उससे संघर्ष किया है. हमने बजरंग दल और सिमी दोनों के खिलाफ बंदिश लगाने का केंद्र सरकार से अनुरोध किया था.' इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'दिग्विजय सिंह यही बात काफी वक्त से बोल रहे हैं. मैंने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि दिग्विजय सिंह ऐसा बोलते हैं तो हमें अच्छा लगता है. हमारा वोट बढ़ता है.'


राजनेताओं पर अविश्वास के सवाल पर दिग्विजय ने कहा, 'आज हम सब नेताओं के लिए बड़ी चुनौती ये है कि जनता के बीच राजनीति और हमारे लिए अविश्वास बढ़ता जा रहा है. 15वीं लोकसभा में सबसे ज्यादा समय बर्बाद करने का रेकॉर्ड बना है. तमाम नियमों के बावजूद उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है, जो संसद नहीं चलने दे रहे.' इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, ' मैं दिग्विजय सिंह की इस बात से सहमत नहीं हूं कि देश की जनता को राजनीति से वितृष्णा हो गई है. जेपी मूवमेंट के समय से मैं राजनीति कर रहा हूं. जनता बड़े से बड़े नेता और पार्टी को सत्ता से हटा सकती है. जनता को अपनी वोट की ताकत का इल्म है. जनता ने हालिया चुनाव में कई को सत्ता से हटाया तो कई को बनाए भी रखा. जनता हमसे डिलीवर करने की उम्मीद करती है.'

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