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लॉकडाउन में हुई राणा दग्गुबाती की सगाई, एक्टर ने बताया कब होगी शादी

राणा उन एक्टर्स में से हैं, जिन्होंने सिनेमा में हीरो और विलेन दोनों का ही किरदार निभाया और जनता ने उन्हें हर रोल में प्यार दिया. अब इंडिया टुडे e-Mind Rocks 2020 में राणा ने अपने नए प्रोजेक्ट्स और शादी को लेकर बातचीत की और राणा दग्गुबाती ने हमें कई बातें बताईं.

राणा दग्गुबाती और मिहिका बजाज राणा दग्गुबाती और मिहिका बजाज

फिल्म बाहुबली में भल्लालदेव का किरदार निभाकर देशभर में अपना नाम बनाने वाले एक्टर राणा दग्गुबाती इन दिनों अपनी शादी की प्लानिंग कर रहे हैं. राणा उन एक्टर्स में से हैं, जिन्होंने सिनेमा में हीरो और विलेन दोनों का ही किरदार निभाया और जनता ने उन्हें हर रोल में प्यार दिया. अब इंडिया टुडे e-Mind Rocks 2020 में राणा ने अपने नए प्रोजेक्ट्स और शादी को लेकर बातचीत की और राणा दग्गुबाती ने हमें कई बातें बताईं.

कब हो रही है मिहिका बजाज से शादी?

राणा दग्गुबाती से जब उनकी मंगेतर मिहिका बजाज से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे अपनी निजी जिंदगी को प्राइवेट रखने में विश्वास रखते हैं. लेकिन उन्हें लगता है कि उनकी और मिहिका की जोड़ी बहुत अच्छी है, दोनों साथ में अच्छे लगते हैं और वो बहुत अच्छी हैं. उन्होंने ये भी बताया कि मिहिका उनके घर से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर रहती हैं तो लॉकडाउन में उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं हुई. हम 8 अगस्त को शादी कर रहे हैं. मेरी पर्सनल लाइफ का ये सबसे अच्छा समय है.

आप लॉकडाउन में एक एनीमेशन टॉक शो लेकर आने वाले थे, उसके बारे में बताइए...

राणा ने बताया कि अपने एनीमेशन टॉक शो Why are you? के लिए वे इस समय जितना हो सके उतनी मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि ये शो जल्द ही आने वाला है. ये शो OTT प्लेटफॉर्म पर आएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें 16 साल की उम्र से एनीमेशन से प्यार है. राणा दग्गुबाती एक्टर बनने से पहले एनीमेशन में काम करते थे, यही उनकी पहली नौकरी थी.

फिल्म कृष्णा एंड हिज लीला विवाद पर बोले राणा

राणा दग्गुबाती ने कुछ समय पहले नेटफ्लिक्स पर Krishna and his Leela नाम की फिल्म को रिलीज किया था. इस तेलुगू फिल्म को जनता का खूब प्यार मिला. ये नेटफ्लिक्स पर तो छाई ही, साथ ही इसे रीजनल प्लेटफॉर्म पर भी इसे पसंद किया गया. हालांकि सोशल मीडिया पर इस फिल्म को विवाद का सामना भी करना पड़ा. कुछ लोगों ने फिल्म पर भगवान कृष्णा का अपमान करने का इल्जाम लगाया था.

इस बारे में राणा दग्गुबाती से पूछा गया तो उन्होंने कहा- मैं आपको 10 और तेलुगू फिल्में दिखा सकता हूं जिनके नाम में कृष्णा है. OTT प्लेटफॉर्म्स की रीच बहुत है इसलिए लोगों का ध्यान इसपर गया. अगर आपने ये फिल्म देखी है तो आप जानते होंगे कि ये किसी का अपमान नहीं करती. मैं शायद पौराणिक कथाओं और ऐतिहासिक कहानियों का सबसे बड़ा फैन हूं और मैं उनके बारे में किसी अन्य एक्टर से ज्यादा काम करता हूं. तो मैं इस मामले में किसी की भी भावनाओं को आहत करने वाला आखिरी इंसान हूं.

OTT vs थिएटर की बहस में आपका क्या मानना है?

राणा दग्गुबती से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- जब भी कोई नया प्लेटफॉर्म आता है तो टैलेंट को रास्ता देता है. OTT ऐसा स्पेस है जहां आपको अपने हिसाब से कहानी सुनाने का मौका मिलता है. हर फिल्मकार के पास फ्लेक्सिबिलिटी होती है. तो यहां हमें आगे भी काफी बढ़िया कंटेंट देखने को मिलने वाला है. बात करें थिएटर की तो उसकी अपनी खासियत है क्योंकि वहां फिल्में देखना एक अलग एक्सपीरियंस होता है. तो थिएटर्स के खुलने के बाद वहां और बड़ी फिल्में दिखाई जाएंगी और ये बहुत अच्छा होगा.

क्या आपको निगेटिव रोल्स करना पसंद है?

राणा उन एक्टर्स में से है, जिन्हें हीरो और विलेन दोनों ही रोल में देखा और पसंद किया गया था. ऐसे में उन्होंने बताया कि उन्हें निगेटिव रोल्स करना कैसा लगता है. उन्होंने कहा- मुझे निगेटिव रोल करने में मजा आता है. अच्छा बनने में बंदिशें होती हैं और बुरा बनने में आपको ज्यादा स्वतंत्रता मिलती है. यही बात है विलेन बनने में. मैं असल जिंदगी में जो नहीं कर सकता वो निगेटिव रोल में कर सकता हूं. ये अपनी ऑल्टर-ईगो में जीना का अच्छा तरीका है. एक किरदार पर निर्भर करता है तो मैं बता नहीं सकता कि मुझे सही में क्या पसंद है.

एक्टर बनने का सपना देखने वालो को राणा की सलाह

राणा दग्गुबाती ने कहा कि लोगों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. इसमें जिंदगी और लोगों को समझना बेहद जरूरी है. आपको ये भी देखना होगा कि आप अपने इमोशन दिखा सकते हैं या नहीं. जितना ज्यादा काम आप करेंगे, उतने अच्छे एक्टर बनेंगे.

बॉलीवुड में कैसा रहा सफर?

पहली बात मुझे किसी भी फिल्म को देखने में फर्क नहीं लगता, चाहे तो हिंदी हो तमिल, तेलुगू या कुछ और. जब मैंने एक्टिंग शुरू की थी मुझे भाषा से फर्क नहीं पड़ता था. मैंने वो कंटेट चुना जो मुझे अच्छा लगा, जिससे मैं जुड़ पाया. मेरी पहली फिल्म एक पोलिटिकल थ्रिलर थी, जिसका नाम लीडर था. फिर दूसरी गोवा में ड्रग्स बेचने को लेकर थी, जिसका नाम दम मारो दम था. इसमें से एक तेलुगू थी और दूसरी हिंदी. ये कहानी पर निर्भर करता है कि वो कहां तक जा सकती है और दुनियाभर के लोग उसे देख सकते हैं या नहीं.

ये है राणा की जिंदगी का बेस्ट मोमेंट

राणा दग्गुबाती ने बाहुबली को अपनी जिंदगी का बेस्ट मोमेंट बताया. उन्होंने कहा- इस फिल्म को 6 साल हो गए हैं और इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिला. हमें पॉपुलैरिटी मिली और हमें अपने निर्णय खुद लेने लाइसेंस मिला. हमें समझ आया कि अगर कंटेंट सही है तो उसके लिए जगह जरूर मिलेगी.

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