ई-एजेंडा आजतक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. देश में जारी लॉकडाउन के बीच आजतक के मंच ई-एजेंडा में शिरकत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि मजदूरों के लिए ट्रेन चलाने के लिए केंद्र सरकार को राज्यों से पैसा नहीं लेना चाहिए. ये हास्यास्पद है. केंद्र को इसमें सहायता देनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि बेहतर रोजी के लिए लोग बाहर जाते हैं. यहां से कई राज्यों में मजदूर जाते हैं. उनके आने के लिए हमने केंद्र से ट्रेन के लिए बात की थी. कोटा में फंसे राज्य के छात्र बस से आए. उन्हें दो दिन का वक्त लगा और कठिनाई हुई. इसलिए हमने ट्रेन चलाने की अपील की थी. ट्रेन भारत सरकार की है और मजूदरों को लाने के लिए राज्य सरकार से केंद्र पैसा ले ये गलत है. केंद्र को इसमें सहायता देनी चाहिए.
'रायपुर को रेड जोन में क्यों रखा पता नहीं'
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि रायपुर में 18 मार्च को पहला और 25 मार्च को दूसरा मरीज मिला और उसके बाद यहां पर कोई मरीज नहीं मिला. इसके बाजवूद रायपुर को रेड जोन में क्यों रखा गया है, इसका कारण हमें पता नहीं. हमें लगता है रायपुर को ग्रीन जोन में रखना चाहिए.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना के 7 एक्टिव केस हैं. शुरू में ही हमने राज्य को सील कर दिया था. भारत सरकार के फैसले से पहले ही हमने कदम उठा लिए थे. हमने विदेश से आए लोगों को क्वारनटीन कर दिया था.
75 हजार टेस्टिंग किट खरीदने के सवाल पर क्या बोले
छत्तीसगढ़ की सरकार ने हरियाणा के मानेसर से 75 हजार टेस्टिंग किट मंगाई हैं. राज्य सरकार ने केंद्र ने मदद नहीं मांगी. इस सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि हम अगर रेपिड किट मंगाकर टेस्ट करेंगे तो उसकी जानकारी हो जाती है, कोई कोरोना पॉजिटिव है या नहीं इसकी जानकारी मिल जाती है.
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद दूसरे राज्य से जो लोग आएंगे उनका टेस्ट करना होगा. इसके लिए किट चाहिए होगी. इस वजह से हमने किट मंगाई है. बल्कि और मंगाने का आदेश दिया है. केंद्र सरकार के पास जो किट है वो सीमित है.