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e-एजेंडा: गडकरी बोले- पांच साल में नंबर-1 मैनुफैक्चरिंग सेंटर बनेंगे

e-Agenda AajTak, 1 Year Of Modi Govt. 2.0: नितिन गडकरी ने कहा कि पूरी इंडस्ट्री प्रवासी मजदूरों पर ही निर्भर नहीं है. 10 से 20 फीसदी ही प्रवासी मजदूर हैं. शेष स्थानीय मजदूर भी हैं.

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e-Agenda AajTak: नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
e-Agenda AajTak: नितिन गडकरी (फाइल फोटो)

  • गडकरी बोले- जल्द लाएंगे स्क्रैपिंग पॉलिसी
  • प्रवासी मजदूरों पर ही निर्भर नहीं इंडस्ट्री

कोरोना वायरस की महामारी के बीच केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर आयोजित e-एजेंडा आजतक में केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और MSME मंत्री नितिन गडकरी ने शिरकत की. गडकरी ने वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर बेबाकी से अपनी राय रखी.

उन्होंने कहा कि भारत को पांच साल में नंबर एक मैन्यूफैक्चरिंग सेंटर बनाएंगे. नितिन गडकरी ने स्क्रैपिंग पॉलिसी को लेकर कहा कि इससे रॉ मैटेरियल की रिसाइक्लिंग होगी, जिससे इसकी कॉस्ट कम हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इससे हमारे प्रोडक्ट की लागत घट जाएगी. इससे विश्व बाजार में हम अधिक प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे. गडकरी ने कहा कि हम जल्द स्क्रैपिंग पॉलिसी लाने की कोशिश करेंगे.

प्रवासी मजदूरों के सवाल पर गडकरी ने कहा कि पूरी इंडस्ट्री प्रवासी मजदूरों पर ही निर्भर नहीं है. 10 से 20 फीसदी ही प्रवासी मजदूर हैं. शेष स्थानीय मजदूर भी हैं. उन्होंने कहा कि हमारी उद्योगों से भी बात हुई है. उन्होंने हमें बताया है कि श्रमिक आने को तैयार हैं. कई कंपनियों में रहने और खाने के इंतजाम भी हैं. गडकरी ने कहा कि हमने उनसे जिलाधिकारी के माध्यम से संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भिजवाने के लिए कहा है.

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नितिन गडकरी ने कहा कि जिलाधिकारियों की सहमति से वे मजदूरों को वापस लाएं और काम चालू हो. सड़क हादसों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि लॉकडाउन के कारण रोड पर ट्रैफिक बंद था. हादसों में कमी आई है. हम ऐसा फॉर्मूला लेकर आ रहे हैं, जिससे इसमें और कमी आए.

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