scorecardresearch
 
एजेंडा आजतक 2013

नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव

नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 1/10
एजेंडा आज तक का अगला सेशन था 'धर्म या धंधा'. बातचीत के लिए सामने थे मशहूर योग गुरु बाबा रामदेव, धर्मगुरु चिदानंद मुनि और सर्वानंद सरस्वती. इस मौके पर बाबा रामदेव ने योग और आयुर्वेद के नाम पर व्यापार करने के आरोपों पर भी जवाब दिया.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 2/10
उन्होंने कहा कि उनके पास न तो बैंक अकाउंट है और न ही एक रुपये की बचत. उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितने मुकदमे कर ले, मगर सच यही है कि मेरे पास एक टुकड़ा जमीन का नहीं.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 3/10
बाबा रामदेव बोले कि मुझे तो भक्तों ने लाखों एकड़ जमीन और टापू देने का प्रस्ताव दिया था. अगर स्वीकार कर लेता तो मीडिया बवाल खड़ा कर देता.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 4/10
अपने कारोबार पर रामदेव बोले कि मैंने अरबों का मुनाफा कमाने वाली मल्टी नेशनल कॉस्मेटिक्स और पेय पदार्थ कंपनियों की दुकानें बंद करवानी शुरू कर दीं. इसलिए ये सब बातें हो रही हैं.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 5/10
उन्होंने कहा कि पहले लोग जिन पदार्थों के लिए हजारों रुपये देते थे. अब वही पतंजलि योग पीठ कुछ सौ रुपयों में मुहैया कराता है. रामदेव ने पूछा कि इस तरह का काम धंधा कैसे हो सकता है.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 6/10
इस सेशन में आए श्रीपीठम के चांसलर सर्वानंद सरस्वती बोले कि इस देश में बाबा के नाम पर कई गुरु घंटाल पैदा हो गए हैं. उन्होंने कहा कि बाबा नाम जुड़ते ही कारोबार शुरू हो जाता है.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 7/10
धर्मगुरुओं के आडंबर पर सवाल उठाते हुए सर्वानंद ने कहा कि हर बाबा फाइव स्टार होटल नुमा आश्रम बनाने की जुगत में लगा है.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 8/10
बहस में शामिल होते परमार्थ निकेतन के चिदानंद महाराज बोलते कि धंधा वह है, जो सिर्फ अपने लिए सोचता है और धर्म वह है, जो सबके लिए सोचता है.चिदानंद ने एक ऑटो वाले का उदाहरण दिया. जिसकी गाड़ी के पीछे लिखा था.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 9/10
सर्वानंद सरस्वती ने राजनीति से पहले धर्म की सफाई के सवाल पर कहा कि धर्मगुरु अपनी चाकरी करवाने में इतना मगन रहते हैं कि उनके मुंह से सफाई की बात भली नहीं लगती.
नहीं है एक टुकड़ा जमीन, नहीं है बचत: बाबा रामदेव
  • 10/10
अंत में चिदानंद सरस्वती बोले कि अगर कभी किसी को किसी धर्म से जुड़े व्यक्ति से शिकायत होती है, तो उसे ध्यान रखना चाहिए कि यह व्यक्ति का मसला है, उसे पूरे धर्म से न जोड़ा जाए.बाबा रामदेव ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि धर्म कभी व्यक्तिवादी नहीं रहा.