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अयोध्या पर न जीत का जश्न मना, न हार का हाहाकार हुआ... यही हिंदुत्व है: नकवी

एजेंडा आजतक 2021 के धर्म युद्ध सेशन में बीजेपी नेता व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हिंदुत्व को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अध्योध्या पर जब फैसला आया तो सबने स्वीकार किया. अयोध्या पर न जीत का जश्न मना, न हार का हाहाकार हुआ...यही हिंदुत्व है. और आज अयोध्या में मंदिर बन रहा है. ऐसे में अयोध्या पर कोई विवाद पैदा किया जा रहा है तो इसके पीछे सियासी मकसद हो सकता है.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • अयोध्या के फैसले को सभी ने स्वीकार किया
  • 'हिंदुत्व हिंदुस्तान की आत्मा और संस्कृति है'

एजेंडा आजतक के मंच पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने हिंदुत्व को जीवन की पद्धति बताया तो बीजेपी नेता व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी हिंदुत्व को परिभाषित किया. इस दौरान नकवी ने कहा कि हिंदुत्व हिंदुस्तान की आत्मा है. अयोध्या पर राम मंदिर का फैसला आया तो सने स्वीकर किया. अयोध्या पर न किसी ने जीत का जश्न मनाया और न ही हार का हाहाकार हुआ. यही हिंदुत्व है. 

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हिंदुत्व देश की आत्म है और यहां की संस्कृति में रची बसी है. इसी संस्कृति का परिणाम है कि जब हिंदुस्तान बंटा तो दो देश बने. हिंदुस्तान बना, पाकिस्तान बना. हिंदुस्तान की संसद में वसुधैव कुटुंबकम लिखा है जबकि पाकिस्तान की संसद में क्या लिखा है आपको मालूम है. सनातनी धर्म का नतीजा है कि भारत धर्म निर्पेक्ष देश बना और पाकिस्तान इस्लामिक देश बना. इस हिंदुत्व की ताकत का नतीजा है कि हम अनेकता में एकता की बात करते हैं. 

वहीं, साथ ही नकवी ने कहा कि पाकिस्तान पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश बंटा उस वक्त पाकिस्तान में 24 फीसदी अल्पसंख्यक रहते थे, लेकिन 2 पर्सेंट हैं. हिंदुस्तान में अल्पसंख्यकों की 8 फीसदी थी जब बंटवारा के समय, लेकिन आज 22 फीसदी से ज्यादा है. यानी कि यहां पर हिंदुत्व ने समाज के किसी भी हिस्से और संस्कृति को किसी से अलग होने नही दिया. देश में जिसकी जो संस्कृति है फले फूले, जैसा की सलमान खुर्शीद भी कह रहे हैं.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए नकवी ने कहा कि अब दिक्कत ये है कि कांग्रेस की एक ही समस्या है कि ये एक ऐसी नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट बन गई है. ऐसे में कई तरह से सियासी प्रयोग कर लिए हैं, लेकिन सफल नहीं हो पा रही है. ऐसे में तरह-तरह शिगूफे छोड़े जा रहे हैं. कभी कहा गया की अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है तो कभी ऑवर्ड वापसी गैंग सामने आ गई. अब हिंदुत्व को लेकर भी तरह-तरह की बातें की जा रही हैं. 

उन्होंने कहा कि अध्योध्या पर जब फैसला आया तो सबने स्वीकार किया. अयोध्या पर न जीत का जश्न मना, न हार का हाहाकार हुआ...यही हिंदुत्व है. और आज अयोध्या में मंदिर बन रहा है. ऐसे में अयोध्या पर कोई विवाद पैदा किया जा रहा है तो इसके पीछे सियासी मकसद हो सकता है.


 

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