scorecardresearch
 

किन वजहों से बढ़ रहा है भारत पर कर्ज? अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने बताया

एजेंडा आजतक 2024 के 'मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन' सेशन में देश पर बढ़ते कर्ज को लेकर चर्चा हुई. इस दौरान अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने उन वजहों पर प्रकाश डाला जिसके चलते भारत और उसके अन्य राज्यों के घाटे में लगातार वृद्धि हो रही है.

Advertisement
X
Economist Arun Kumar ( Pic credit: ITGD Photo)
Economist Arun Kumar ( Pic credit: ITGD Photo)

एजेंडा आजतक 2024 के पहले दिन यानी शुक्रवार को सेशन आज की राजनीति में फ्री रेवड़ी के कल्चर पर जोरदार बहस हुई है.  'मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन' सेशन में भाजपा नेता गौरव वल्लभ, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यम और अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने हिस्सा लिया. इस दौरान देश पर कर्ज क्यों बढ़ रहा है इसको लेकर चर्चा हुई, जिसपर अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने भी अपनी बात रखी. 

 असमानता बेतहाशा बढ़ी है

अरुण कुमार कहते हैं कि संविधान ने एक वादा किया था सबको मिनिमम लिविंग वेज तो जरूर मिले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अभी जो स्थिति है उसपर नजर डालें तो अलग जवाब मिलेगा. वहीं, लॉन्ग टर्म में देखेंगे तो अलग जवाब हासिल होगा. लॉन्ग टर्म में क्या हुआ इसपर गौर करें तो पाएंगे कि असमानता बेतहाशा बढ़ी है.

आम आदमी को लॉन्ग टर्म पर भरोसा नहीं

वह आगे कहते हैं कि फिलहाल देश में 94 प्रतिशत लोगों की लोगों की ऐसी जनसंख्या है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं. 30 करोड़ लोगों ने ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर किया है. इसमें भी 94 प्रतिशत लोग  10 हजार रुपये से ही कम कमाते हैं. देश में सिर्फ 1.1 प्रतिश इफेक्टिव टैक्स पेयर हैं. कुल  94 प्रतिशत जनसंख्चया गरीब है. ऐसे में लॉन्ग टर्म पर आम आदमी भरोसा ही नहीं कर रहा है. वह देख रहा है कि उसे आज क्या मिल रहा है. इस स्थिति में आने वाले वक्त में क्राइसिस बढ़ेगी.  रिसोर्स जुटाने में मुश्किलें आएंगे. 

Advertisement

क्यों बढ़ रहा है केंद्र पर कर्ज

अरुण कुमार ने देश के फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे) पर भी बात करते हुए कहा कि इसे करीब 3 प्रतिशत तक होना चाहिए.   0 प्रतिशत रेवेन्यू डेफिसिट होना चाहिए. लेकिन देश का फिस्कल डेफिसिट 6 प्रतिशत है. वहीं, स्टेट के फिस्कल पर डेफिसिट 3 प्रतिशत कैप लगा दिया है. सेंटर पर ये कैप प्रभावी नहीं है. ऐसे में जीडीपी में सेंटर के डेब्ट का रेशियो 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है. वहीं राज्य में सबसे ज्यादा पंजाब 50 प्रतिशत है, जो उससे काफी कम है. 

राज्य पर डेब्ट बढ़ने की वजह क्या है?

इसके फाइनेंस कमीशन के मुताबिक राज्यों को रिसोर्सेज एलोकेशन  41 प्रतिशत तक होना चाहिए. लेकिन ये किसी को 31 तो किसी को 35 प्रतिशत तक ही मिलता है. ऐसा इसलिए होता है कि केंद्र रिसोर्स रेजिंग सेस के थ्रू कर लेता है, जो राज्य के साथ शेयर नहीं होता है, जिससे उनके रिसोर्सेज कम हो गए. इसके चलते राज्यों का कर्ज बढ़ने लगता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement